हिंदू कोड - जारी - Page 93

78 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

पंडित कृष्ण चन्द्र शर्मा (उत्तर प्रदेश) : माननीय सदस्य किस खंड पर बोल रहे

çn s'k

हैं? क्या यह चर्चाधीन खंड से सम्बद्ध है?

पंडित ठाकुर दास भार्गव : कारखाना अधिनियम में आपके पास मातृत्व विधान है। क्या ये विधान पुरुषों पर भी लागू होते हैं?

श्रीमती रेणुका राय : यह सब खंड 2 से किस तरह संबंधित हैं?

माननीय सभापति : जब बहुत सारे सदस्य एक साथ बोलते हैं तो उसमें उलझन के अलावा कुछ नहीं होता है। मेरे विचार से जो सदस्य अभी बोल रहे हैं, उन्हें बोलने दिया जाए।

पंडित ठाकुर दास भार्गव : जो प्रासंगिकता प्रश्न उठाते हैं, मैं नहीं जानता हूँ कि क्या प्रासंगिक है और क्या नहीं? उन्होंने मेरे मित्र नजीरुद्दीन अहमद के विचार सुने और मेरे मित्र ने विस्तार से मुद्दे उठाये तथा उत्तर देते समय हर किसी को व्यक्त की गई बातों का जवाब देना पड़ता है। आप यह नहीं कह सकते कि यह प्रासंगिक है तो मैं जो कह रहा हूँ, वह भी प्रासंगिक है। जहाँ तक खंड-2 का संबंध है, यह काफी विस्तृत है और इसलिए, इस खंड के संबंध में प्रासंगिकता का प्रश्न नहीं उठ सकता है। श्री नजीरुद्दीन ने इस प्रश्न पर अपने विचार वक्त किये कि क्या हिंदू संहिता मुसलमानों पर लागू होती है अथवा नहीं, इस संदर्भ में मैं समझ नहीं पाता हूँ कि मेरे मित्र श्री कृष्ण चन्द्र शर्मा : जो एक सक्षम वकील हैं : कैसे कह सकते हैं कि जो मैं अब कह रहा हूँ वह प्रासंगिक नहीं है।

श्री राज बहादुर (राजस्थान) : महोदय, क्या व्यवस्था के प्रश्न पर कोई माननीय सदस्य सदन के नेता का स्थान ग्रहण कर सकता है?

माननीय सभापति : माननीय सदस्य अपने स्थान पर जा सकते हैं?

श्री त्यागी : यह क्या मामला है? आखिरकार, इन सीटों पर कोई न कोई तो बैठा ही है। जब मैंने देखा कि वह खाली है तो मैं बैठ गया।

माननीय सभापति : इस मामले में माननीय सदस्य ने इधर-उधर चलने की स्वतंत्रता के अधिकार का प्रयोग किया होगा, परन्तु इस मामले में अब कुछ और कहने की जरूरत नहीं है।

पंडित ठाकुर दास भार्गव : कानून के समक्ष समानता का प्रश्न उठाया गया है। इसके साथ, कई उच्च मामले भी उठाये गये हैं। अनुच्छेद 25 और 15 का उल्लेख किया गया तथा यह कहा गया कि इन अनुच्छेदों के प्रावधानों का उल्लंघन किया