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समिति स्थापित करने का सोचा है। दुर्भाग्यवश माननीय मंत्री ने हमें यह आश्वासन नहीं दिया है कि इस सदन में ऐसे ही प्रयास किए जाएंगे। मेरा उनसे अनुरोध है, यथा संभव शीघ्र अवसर पर यह सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाही करें कि इस स्थायी समिति को हमारी सरकार द्वारा स्थापित किया जाए।
डॉ. अम्बेडकरः मैं इसे ध्यान में रखूँगा।
माननीय उपाध्यक्षः प्रश्न यह हैः
फ्कि विधेयक पारित किया जाए।य्
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
फिर सदन को बुधवार, 12 अप्रैल, 1950 के पौने ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
निरसन और संशोधन विधेयक
* विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर)ः श्रीमन्, क्या मैं अपने विधेयक को बिना पारी के प्रस्तुत करने की आपकी अनुमति प्राप्त कर सकता हूँ? वे बहुत छोटे हैं।
माननीय उपाध्यक्षः हाँ।
डॉ. अम्बेडकरः मैं प्रस्ताव पेश करने की इजाजत चाहता हूँः
फ्कि कतिपय अधिनियमितियों के निरसन और कतिपय अन्य अधिनियमितियों के संशोधन के विधेयक पर विचार किया जाए।य्
वार्षिक रूप से लाए जाने वाले इस विधेयक का प्रयोजन कानूनी पुस्तक को फ्डेड वुडय् से मुक्त करना और कतिपय अधिनियमितियों में संशोधन तथा उनमें पाई गई कतिपय गलतियों का सुधार करना है। मुझे यह आवश्यक नहीं लगता कि मुझे अपने प्रस्ताव के समर्थन में कुछ और कहने की आवश्यकता है।
माननीय उपाध्यक्षः प्रस्ताव किया गयाः
फ्कि कतिपय अधिनियमितियों के निरसन और कतिपय अन्य अधिनियमितियों के संशोधन के विधेयक पर विचार किया जाए।य्
श्री हिमत सिंहका (पश्चिमी बंगाल)ः मैं माननीय विधि मंत्री को जो सुझाव देना चाहता हूँ वह यह हैµक्या वे इस समय प्रवर्तन में सभी विधियों को पुस्तक के
ऽसं. वा., खंड 4, भाग II, 11 अप्रैल, 1950, पृष्ठ 2776