15. भाग ‘ग’ राज्य (विधियाँ) विधेयक - Page 115

100 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

रूप में मुद्रित कराने के लिए कदम उठाएंगे जिससे कि यह पता चल सके कि कौन-सी विधि अस्तित्व में है और कौन-सी नहीं? इस समय यह बहुत कठिन है। हम एक दिन में इतनी विधियाँ पारित कर रहे हैं कि किसी के लिए भी यह जानना या पता रखना बहुत कठिन हो गया है कि विधि क्या है। क्या वे मेरे इस सुझाव पर विचार करेंगे और 1949 तक प्रवर्तन में सभी विधियों को मुद्रित कराएंगे?

माननीय डॉ. अम्बेडकरः ऐसा किया जा रहा है।

माननीय उपाध्यक्षः प्रश्न यह हैः

फ्कि कतिपय अधिनियमितियों के निरसन और कतिपय अन्य अधिनियमितियों के संशोधन के विधेयक पर विचार किया जाए।य्

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

विधेयक में खंड 1 से खंड 4 जोड़े गए।

विधेयक में प्रथम अनुसूची और द्वितीय अनुसूची जोड़ी गई।

विधेयक में संक्षिप्त नाम और अधिनियमन सूत्र जोड़े गए।

डॉ. अम्बेडकरः मैं प्रस्ताव पेश करने की इजाजत चाहता हूँः

फ्कि विधेयक पारित किया जाए।य्

माननीय उपाध्यक्षः प्रश्न यह हैः

फ्कि विधेयक पारित किया जाए।य्

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।