16. लोक प्रतिनिधित्व विधेयक - Page 129

114 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

करनी चाहिए जो वर्तमान तिथि तथा अवधि की अपेक्षा निर्वाचक नामावलियाँ तैयार करने के अधिक निकट हो, मुझे यह पूर्णतया स्पष्ट प्रतीत होता है कि प्रवर समिति के लिए या मेरे लिए नई अर्हता तारीख और नई अर्हता अवधि को स्वीकार करना संभव नहीं होगा।

श्री सोंधीः क्या हम अनुपूरक सूचियाँ नहीं बना सकते?

डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह प्रश्न मुझसे प्रातः भी पूछा गया था। मुझसे पूछा गया था कि जो लोग वर्तमान अर्हता तारीख के बाद आयु पूरी कर लेते हैं अर्थात् इक्कीस वर्ष के हो जाते हैं, उनका क्या होगा।

श्री सोंधीः जो छूट गए हैं, उनका क्या होगा?

डॉ. अम्बेडकरः मैं जो कुछ कहता रहा हूँ उसके प्रति सचेत हूँ, कृपया मुझे आगे बोलने दें।

मैंने इस विषय की परीक्षा निर्वाचन आयुक्त और अपने मंत्रालय द्वारा करवाई थी। प्रश्न यह है कि ऐसी अनुपरक निर्वाचक नामावली तैयार करने में कितना श्रम लगेगा, जिसमें हमारे द्वारा नियत अर्हता तारीख के पश्चात् आयु प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के नाम सम्मिलित होंगे। मुझे बताया गया है कि यह संख्या बहुत बड़ी होगी। इसमें नया कार्य शामिल होगा। हमें, पहले से तैयार कर ली गई नामावालियों के पुनरीक्षण के लिए आवश्यक मशीनरी के अलावा, नई मशीनरी की भी आवश्यकता होगी। इस अतिरिक्त भार का निश्चित रूप से परिणाम यह होगा कि हमें कतिपय चरणों के लिए पहले से नियत लक्ष्य तारीखों को स्थगित करना पड़ेगा। इसीलिए, जब तक यह सदन इस प्रतिपादना को स्वीकार करने के लिए तैयार न हो प्रधानमंत्री द्वारा उल्लिखित तारीख को रद्द किया जाना आवश्यक नहीं है, इस कार्य को करना संभव नहीं होगा। मैं इस बिन्दु को पूर्णतया स्पष्ट करना चाहता हूँ। जब तक कि प्रवर समिति सरकार को यह सिफारिश करने की जिम्मेदारी लेने को तैयार न हो कि पहले से किया गया कार्य बेकार जाने दिया जाए और उसे व्यर्थ समझा जाए और लागत तथा अतिरिक्त सामग्री उपलब्ध कराने की असंभावना पर ध्यान दिए बिना नया कार्य प्रारम्भ कर दिया जाए, सदन से मेरा निवेदन यह है कि प्रवर समिति इन उपबंधों में परिवर्तन नहीं कर सकती।

इस विधेयक में अन्य क्या उपबंध हैं? अन्य उपबंध केवल दो हैं। वे अत्यावश्यक विषय हैं और मैंने किसी भी माननीय सदस्य को उनका किसी भी प्रकार हवाला देते हुए नहीं देखा है। एक खण्ड जो महत्त्वपूर्ण है और जिसके संबंध में, मैं स्वयं महसूस करता हूँ कि विधेयक में कुछ अधिक किया जा सकता था, निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन से संबंधित है। एक माननीय सदस्य को छोड़कर किसी भी सदस्य ने............

कुछ मानीनय सदस्यः हमें अभी बोलना है।