118 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
डॉ. अम्बेडकरः खंड 13 में एक संशोधन है और इसीलिए मैं कहूँगा कि इस खंड को अभी स्थगित रखा जाए क्योंकि संशोधन का टंकण किया जा रहा है।
माननीय अध्यक्षः ठीक है। मैं सामान्य रूप से यह मानता हूँ कि माननीय सदस्यों द्वारा पूर्व में रखे गए सभी संशोधन निकाल दिए गए हैं।
ऽडॉ. टेक चन्द (पंजाब)ः दुर्भाग्य से हमने संशोधनों का शब्द विन्यास नहीं देखा है, जिनके संबंध में हमने प्रातः विनिश्चय किया था। वह मात्र एक सामान्य बातचीत थी। और उनमें से कुछ खंडों के संबंध में, उदाहरण के लिए खंड 6 की बाबत, अभी भी पर्याप्त मतभेद है और मतैक्य नहीं है।
डॉ. अम्बेडकरः कोई मतभेद नहीं है।
माननीय अध्यक्षः मैं प्रस्तुत किए गए किसी भी संशोधन को छोड़ना नहीं चाहता। मैं स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास कर रहा हूँ जिससे कि, यदि कोई संशोधन नहीं है, तो मैं उन खंडों को एक साथ ले सकूँ।
डॉ. टेक चन्दः नए संशोध क्या है? वे हमें दिखाए जाएँ। किसी ने भी उन्हें नहीं देखा है। उन्हें देखे बिना, हम कैसे पारित कर सकते हैं?
डॉ. अम्बेडकरः मैं उन्हें पढ़कर सुनाऊँगा।
माननीय अध्यक्षः क्या माननीय सदस्य डॉ. टेकचन्द के पास प्रस्तावित किए जाने के लिए कोई संशोधन है?
डॉ. टेक चन्दः हम खंड 6 का संशोधन भेज चुके हैं।
खंड 2 से खंड 5
माननीय अध्यक्षः क्या खंउ 2 से खंड 5 के संबंध में कोई माननीय सदस्य संशोधन प्रस्तावित करने का इच्छुक हैं?
कुछ माननीय सदस्यः कोई नहीं।
खंड 2 से खंड 5 विधेयक में जोड़े गए।
ऽऽश्री बुरागोहेन (असम)ः माननीय मंत्री के उत्तर के पूर्व क्या मैं निवेदन कर सकता हूँ........।
ऽसं. वा., खंड 4, भाग II, 20 अप्रैल, 1950, पृष्ठ 3058
ऽऽसं. वा., खंड 4, भाग II, 20 अप्रैल, 1950, पृष्ठ 3062