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चाहता हूँ और वह यह हैµयद्यपि समितियाँ सलाहकार हैं किंतु संशोधन कहता है, फ्निर्वाचन आयोग, सलाहकार समितियों के परामर्श सेय् न कि परामर्श के पश्चात्। यह एक बड़ा परिवर्तन है, किंतु वह जो भी है, मैं संशोधन सदन के समक्ष रखता हूँ। इस पर पर्याप्त चर्चा हो चुकी है।य्
श्री श्यामनन्दन सहायः श्रीमन्, मैं मात्र यह आपकी जानकारी में लाना चाहता हूँ कि राष्ट्रपति द्वारा अवधारित किए जाने के पश्चात् संसद इसमें परिवर्तन कर सकती है।
डॉ. अम्बेडकरः मैं बार-बार यह बता चुका हूँ कि राष्ट्रपति, ‘बनाई जाने वाली विधि के अनुसार’, ही काम करेंगे, अन्यथा नहीं। मैं इसे कितनी बार दोहराऊँ।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न यह हैः
फ्उपखंड (2) में, ‘निर्वाचन आयोग से परामर्श के पश्चात्’ का लोप किया जाए।य्
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
(यथा संशोधित खंड 6 विधेयक में जोड़ा गया।-सं.)
ऽखंड 7 और 8
खंड 7 और 8 विधेयक में जोड़े गए
खंड 9
(विधानसभा निर्वाचन-क्षेत्रों का परिसीमन)
संशोधन किया गयाः
फ्‘निर्वाचन आयोग से परामर्श के पश्चात्’ का लोप किया जाए।य्
µ(डॉ. अम्बेडकर)
श्री त्यागीः मैं प्रस्ताव पेश करने की इजाजत चाहता हूँः
परंतुक जोड़ा जाएः
फ्परन्तु यह कि किसी नगर, बोर्ड या नगर निगम से बने क्षेत्रों को ग्रामीण क्षेत्र से बने किसी निर्वाचन क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया जाएगा।य्
श्रीमन्, उसी समय से जब से यह विधेयक इस सदन के समक्ष आया है, मैं यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा प्रयास करता रहा हूँ कि ऐसे अधिकार और विशेषाधिकार, जिनका उपयोग अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों द्वारा किया जा रहा है, उन से वापस न लिए जाएँ। गत तीस या अधिक वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में पृथक निर्वाचन-क्षेत्र हैं।
ऽसं. वा., खंड 2, भाग II, 20 अप्रैल, 1950, पृष्ठ 3071