128 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(ख) बिलासपुर कुर्ग और अंडमान निकोबार द्वीपसमूह को छोड़कर प्रत्येक भाग ‘ग’ राज्य के संबंध में, राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य या सदस्यों की एक सलाहकार समिति स्थापित की जाएगी।
(2) निर्वाचन आयोग, इस प्रकार स्थापित सलाहकार समिति के परामर्श से प्रत्येक राज्य के संबंध में, धारा 6, 9 और 11 या इनमें से ऐसी धाराओं के अधीन जो लागू हों, उस राज्य में निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन के बारे मे प्रस्ताव तैयार करेगा और उक्त धाराओं के अधीन आदेश करने के लिए राष्ट्रपति प्रस्ताव को प्रस्तुत करेगा।
(3) धारा 6, 9, धारा 11 या धारा 12 के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश, किए जाने के पश्चात् यथा शीघ्र, संसद के समक्ष रखा जाएगा और ऐसे उपांतरणों के अधीन होगा जो संसद इस प्रकार आदेश रखे जाने के बीस दिनों के भीतर करे।य्
माननीय अध्यक्षः मुझे उपखंड (3) में मात्र एक संदेह है। उसके शब्द हैं फ्और ऐसे उपांतरणों के अधीन होगा जो संसद इस प्रकार आदेश रखे जाने के बीस दिनों के भीतर करे।य् वास्तव में, मेरे विचार में आशय यह है कि संशोधन करने का प्रस्ताव बीस दिनों के भीतर प्रारम्भ किया जाए।
डॉ अम्बेडकरः इसे बहुत पहले शुरू कर दिया जाएगा जिससे कि संसद का अंतिम आदेश बीस दिनों के भीतर ही पारित हो जाएगाः बीस दिन वह अवधि है जो दी गई है। इसमें संदेह नही कि सरकार, जो भी परिवर्तन आवश्यक हैं, उन्हें शुरू करेगी।
माननीय अध्यक्षः मैं नहीं जानता। मैं समझता था कि कुछ अधिक कठिन मामला होगा। इसकी संभावना हो सकती है कि सदन कुछ महत्वपूर्ण कामकाज में व्यस्त हो और आवश्यक आदेश बीस दिन से पहले पारित न कर सके।
डॉ. अम्बेडकरः तब सदन को इसे प्राथमिकता देनी होगी।
माननीय अध्यक्षः मैं इसके बारे में जो सोच रहा था वह यह था कि हम यह कह सकते हैं, फ्और ऐसे उपांतरणों के अधीन होगा जो संसद इस तरह रखे गए आदेश की तारीख से बीस दिनों के भीतर पेश किए प्रस्ताव पर करे।
डॉ. अम्बेडकरः मैं इस स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ।
एक माननीय सदस्यः हो सकता है संसद सत्र में न हो।
माननीय अध्यक्षः इसीलिए तो मैं विधि मंत्री को यह सुझाव दे रहा हूँ कि बीस दिनों की गणना इसे रखे जाने की तारीख से की जाएगी, जब संसद सत्र में हो और एकमात्र शर्त यह होगी कि प्रस्ताव बीस दिनों के भीतर पेश किया जाए।