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राज्य सरकार के विनिश्चय के ऊपर किसी निर्णय पर नहीं पहुंचना चाहता कि उनके उच्च सदन के लिए समुचित संख्या क्या है। उन्होंने सोचा है कि उनके उच्च सदन के लिए 72 समुचित और पर्याप्त संख्या है और इसी आधार पर मैंने यह संख्या 86 से घटाकर 72 की है। बिहार, बम्बई और मद्रास की कुल संख्या में किए गए परिवर्तन के संबंध में, मैं यह कह सकता हूँ कि आज श्री त्यागी के साथ एक अनौपचारिक बैठक में प्रस्तुत यह प्रतिपादना के कुल संख्या 12 से विभाज्य होनी चाहिए, मुझे अच्छी लगी और इसी कारण मैंने बिहार, बम्बई और मद्रास के लिए 72 नियत की है। आप यह पाएंगे कि वास्तव में मेरे संशोधन से, जहां मद्रास के संबंध में कुल संख्या 3 से कम हुई है, वहीं बम्बई और बिहार के लिए इस कोटे में वृद्धि हुई है। अतः इस आधार पर कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए। मुझे, यह पता चलने पर खेद हुआ कि मैं उसी सिद्धांत को पंजाब में लागू नहीं कर सका क्योंकि उसके पास न्यूनतम संख्या ही है।
बंगाल के संबंध में यह महसूस किया गया था कि यदि इस सिद्धांत, को अर्थात् 12 द्वारा विभाज्य सिद्धांत को लागू किया जाता तो संख्या 51 से घटकर 48 हो जातीं और यह महसूस किया गया कि बंगाल इतना बड़ा राज्य है कि इसमें संख्या कम से कम 51 होनी चाहिए और इसीलिए मैंने इन दो राज्यों के आंकड़ों को नहीं बदला। अन्य मामलों में मेरे मित्र श्री त्यागी पाएंगे कि मैंने वास्तव में उनका सिद्धांत अपनाया है।
चौथी अनुसूची का विस्तार ग्राम पंचायतों का पंचायतों के मुखियाओं तक करने के प्रश्न के संबंध में मुझे यह कहते हुए खेद है कि मैं मात्र इस कारण वह सुझाव स्वीकार नहीं कर सका क्योंकि मुझे विश्वास है कि इस सदन का बड़ा भाग यह महसूस करता है कि ग्राम पंचायतों को ऐसे निकायों के रूप में सम्मिलित करना जिन्हें अपने प्रतिनिधि भेजने का अधिकार होगा उन्हीं निर्वाचकों की मात्र पुनरावृत्ति होगी क्योंकि यदि हम इस तथ्य को ध्यान में रखें कि हमें व्यस्क मताधिकार का प्रयोग करना है तो व्यावहारिक रूप से ग्राम पंचायत के प्रत्येक सदस्य का भी उस राज्य के निचले सदन के निर्वाचन में एक मत होगा और इसीलिए यह एक अनावश्यक पुनरावृत्ति होगी और इसीलिए मैं इस सुझाव को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हूँ।
श्री बर्मन (पश्चिमी बंगाल)ः नगरपालिकाओं और जिला बोर्डों के सदस्यों के बारे में क्या है?
डॉ. अम्बेडकरः वे हो सकते हैं, मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता किन्तु इसका पंचायतों तक विस्तार पूर्णतया मतों की पुनरावृत्ति होगीµएक प्रकार का दोहरा मतदानµऔर मैं इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हूँ। मेरे ख्याल में और कोई मुद्दा नहीं है। मद्रास के लिए मात्र 3 की कटौती की गई है।