171
हुए, मैं मूल अधिनियम के कुछ अन्य उपबंधों में संशोधन करना चाह रहा हूँ, ऐसा नहीं है। मैं उनके संशोधनों में इसलिए संशोधन कर रह हूँ क्योंकि उनके द्वारा तैयार किए गए विधेयक को बिना संशोधन किए स्वीकार करना मेरे लिए संभव नहीं है। अतः, जैसा कि मैंने कहा, मुझे इस विधेयक को स्वीकार करने में तनिक भी एतराज नहीं है, बशर्ते कि श्री सिधवा के विधेयक में मेरे द्वारा सुझाए गए संशोधन किए जाएं। मैं यह संशोधन श्री सिधवा को देने के लिए तैयार हूँ, किन्तु हां, इन संशोधनों का कोई नोटिस नहीं किया गया है तथा मैं नहीं जानता कि सदन इस पर क्या नजरिया अपनाएगा, किंतु जैसाकि मैंने कहा, वह संशोधन प्राप्त कर सकते हैं और उन पर नोटिस देकर मामले पर चर्चा करवा सकते हैं।
माननीय अध्यक्षः मैं अभी सोच रहा था, कि क्याµमैं स्वयं अभी स्पष्ट हूँ कि क्या हम यह मानते हुए कि विचार-विमर्श का प्रस्ताव रख दिया गया है, हम इस विधेयक के सबंध में प्राथमिकता ले सकते हैं तथा फिर इस पर आगे विचार किए जाना स्थगित कर सकते हैं।
डॉ. अम्बेडकरः ऐसा किया जा सकता है।
माननीय अध्यक्षः कदाचित वे बैलेट में आएंगे। कठिनाई केवल यह है कि उन्होंने प्राथमिकता खो दी है।
डॉ. अम्बेडकरः यदि मैं ऐसा कहता हूँ कि विधेयक बहुत छोटा है तथा बिना सरकार से प्राधिकार प्राप्त किए मैं बोल रहा हूँ, किन्तु मैं नहीं सोचता कि अगले बजट सत्र में से एक पूरा सरकारी दिन श्री सिधवा को देने के लिए सरकार को राजी करना मेरे लिए मुश्किल होगा।
माननीय अध्यक्षः इसके लिए एक अन्य विकल्प भी है, मान लीजिए इस विधेयक पर विचार करना पांच बजने में पांच मिनट तक स्थगित कर दें, तथा तब उस पर विचार करें और इस पर चर्चा को अधूरा ही छोड़ दें, ताकि यह स्वयं अपना ध्यान रखें।
एक माननीय सदस्यः डॉ. अम्बेडकर श्री सिधवा को सरकारी दिन में मौका देंगे।
डॉ. अम्बेडकरः मैं इसकी व्यवस्था कर सकता हूँ।