24. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 194

179

माननीय अध्यक्षः ठीक है, 21 तक। परन्तु जब तक आप 20 से छुट्टी नहीं लोगे, यह संभव नहीं होगा।

श्री सोढी (पंजाब)ः 21वां अतिरिक्त दिन हैं।

माननीय अध्यक्षः हाँ।

डॉ. अम्बेडकरः मेरा सुझाव है कि शनिवार या तो प्रातःकाल अथवा सायंकाल-सदन की कार्यवाही स्थगित होने अथवा प्रारंभ होने से पूर्व।

माननीय अध्यक्षः मैं सम्मेलन के समय के बारे में बात नहीं कर रहा। वे किसी भी समय मिल सकते हैं। मैं यह पूछ रहा था कि हमें पुनः इस कार्यसूची पर कब विचार करना है।

डॉ. अम्बेडकरः सोमवार को।

माननीय अध्यक्षः मुझे कोई आपत्ति नहीं है। इसे सोमवार 18 तारीख तक स्थगित करते हैं। उस समय तक हमें सहमति की उम्मीद है। कपूर जी के भाषण में बाधा के लिए मुझे खेद है, परन्तु अपना भाषण समाप्त करने के लिए राजी होने के लिए यह सदन श्री कपूर का आभारी रहेगा।

लोक प्रतिनिधित्व विधेयक (संख्या 2)

ऽविधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर)ः मैं संसद के सदनों और प्रत्येक राज्य विधानमंडल के सदन अथवा सदनों के लिए चुनावों का उपबंध करने अथवा चुनाव करवाने, इन सदनों की सदस्यता हेतु अर्हताओं व निरर्हताओं, इन चुनावों में भ्रष्ट व अवैध कार्य तथा अन्य अपराध करने और सन्देह तथा विवाद होने पर निर्णय लेने इत्यादि से संबंधित विधेयक प्रस्तुत करने की अनुमति चाहता हूँ।

माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः

फ्कि संसद के सदनों और प्रत्येक राज्य विधानमंडल सदन अथवा सदनों के लिए चुनावों का उपबंध करने अथवा चुनाव करवाने, इन सदनों की सदस्यता हेतु अर्हताओं व निरर्हताओं, इन चुनावों में भ्रष्ट व अवैध कार्य तथा अन्य अपराध करने और संदेह व विवाद होने पर निर्णय लेने इत्यादि से संबंधित विधेयक प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाए।य्

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

ऽसं. वा., खंड 7, भाग II, 18 दिसंबर, 1950, पृष्ठ 1834-35