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श्री कामथः महोदय, यह ठीक है।
माननीय अध्यक्षः इसका अर्थ यह हुआ कि कोई भी संशोधन नहीं रखा जा रहा है। प्रश्न हैः
फ्कि खंड 4 इस विधेयक का हिस्सा बन गया है।य्
प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः
फ्कि खंड 5 और 6 इस विधेयक के अंग बन गए हैं।य्
प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।
खंड 7 और 8 को इस विधेयक में जोड़ा गया।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः
फ्कि खंड 9 विधेयक का अंग बन गया है।य्
प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।
खंड 10 इस विधेयक में जोड़ागया।
नए खंड 10-क और 10-ख
ऽडॉ. अम्बेडकरः महोदय मैं प्रस्ताव रखता हूँः
खंड 10 के बाद, निम्नांकित नये खंड जोड़े जाएँः
फ्10 ‘क’ 1950 के अधिनियम XLIII की धारा 27 को संशोधन-उक्त अधिनियम की धारा 27 की उप-धारा (4) में फ्23य् अंक के बाद कोष्ठक और शब्द (परन्तुक को छोड़कर) जोड़े जाएँगे।
10 ‘ख’ 1950 के अधिनियम XILII में नया भाग IV A का जोड़ा जानाµउक्त अधिनियम के भाग IV के बाद निम्नांकित भाग जोड़ा जाएगा। अर्थात्ः
भाग-4 A (IVA)
राज्य परिषदों में सीटों को भाग ‘ग’ राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा भरा जाएगा।
27 ‘क’ भाग ‘ग’ राज्यों को आबंटित राज्य परिषदों में सीटों को भरे जाने के लिए निर्वाचक मंडलों का गठनµ
ऽसं. वा., खंड 7, भाग II, 21 दिसंबर, 1950, पृष्ठ 2215-20