184 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(1) संविधान की चौथी अनुसूची में दिए गए भाग ‘ग’ का कोई राज्य या ऐसे राज्यों के समूहों को आबंटित राज्य परिषदों में किसी सीट या सीटों को भरने के उद्देश्यों के लिए प्रत्येक ऐसे राज्य या राज्यों के समूह के लिए निर्वाचक-मंडल होगाः
बशर्ते अजमेर और कुर्ग राज्यों को आबंटित सीट को भरने के उद्देश्य के लिए अजमेर राज्य के लिए ही निर्वाचन मंडल होगाः
परंतु त्रिपुरा और मणिपुर राज्यों को आबंटित सीट भरने के प्रयोजन के लिए उक्त राज्यों में से प्रत्येक के लिए निर्वाचक-मंडल होगा।
(2) पांचवीं अनुसूची के पहले स्तंभ में विनिर्दिष्ट प्रत्येक राज्य या राज्यों के समूह के लिए निर्वाचक-मंडल में ऐसे राज्य या राज्यों के समूह के सामने इस अनुसूची के द्वितीय स्तंभ में विनिर्दिष्ट सदस्यों की संख्या होगी, जिसका प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चयन किया जाएगा।
(3) किसी राज्य या राज्यों के समूह के लिए इस अधिनियम के अधीन पहली बार गठित निर्वाचक-मंडल को प्रत्येक बार नये चुनाव द्वारा पुनः गठित किया जाएगा। जब उस राज्य या राज्यों के समूह में आम चुनाव होंगे और ऐसे लोकसभा के सदस्यों के निर्वाचन के उद्देश्य के लिए किया जाएगा और ऐसे प्रत्येक पुनर्गठन के अवसर पर ऐसे पुनर्गठन से ठीक पहले कार्यरत उस राज्य या राज्यों के समूह के लिए उसे भंग माना जाएगा और इस प्रकार पुनर्गठित निर्वाचक मंडल ऐसे राज्य या राज्यों के समूह के लिए इस अधिनियम के उद्देश्यों के लिए, जैसी भी स्थिति हो, निर्वाचक मंडल होगा।
(4) किसी निर्वाचक मंडल के किसी सदस्य की जगह कोई आकस्मिक रिक्ति उसे संबंधित निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन द्वारा भरी जाएगी और इसे भरे जाने का तरीका वही होगा जिससे उस सीट पर उस सदस्य का चुनाव हुआ था।
27 ख. राजय परिषद निर्वाचन-क्षेत्र किसी राज्य या राज्यों के समूह के लिए निर्वाचक मंडल में सदस्यों का चुनाव करने के लिए धारा 27 ग के अधीन द्वारा निर्वाचन-क्षेत्र उपलब्ध कराए जाएंगे और इसके अतिरिक्त कोई अन्य निर्वाचन-क्षेत्र नहीं होंगे।
27 ग. राज्य परिषद निर्वाचन क्षेत्रों का परिसमीनः इस अधिनियम के प्रारंभ के बाद यथाशीघ्र राष्ट्रपति आदेश द्वारा यह अवधारित करेंगेµ
(क) पांचवीं अनुसूची के प्रथम स्तंभ में विनिर्दिष्ट प्रत्येक राज्य या राज्यों के समूह के निर्वाचन-क्षेत्रों को ऐसे राज्य या राज्यों के समूहों के निर्वाचक-मंडल के सदस्य के निर्वाचन के प्रयोजन के लिए विभाजित किया जाएगा।
(ख) प्रत्येक निर्वाचन-क्षेत्र का विस्तार_ और