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(ग) प्रत्येक निर्वाचन-क्षेत्र को आबंटित सीटों की संख्या।
27 घ. आदेशों को बदलने या संशोधित करने की शक्तिµराष्ट्रपति समय-समय पर चुनाव आयुक्त से परामर्श करने के बाद धारा 27 ग के अधीन अपने द्वारा दिए गए किसी आदेश को, आदेश द्वारा, परिवर्तित या संशोधित कर सकेंगे।
27 घ. निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रियाµ(1) निर्वाचन आयोग निम्नांकित करेगाःµ
(क) बिलासपुर और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर पांचवीं अनुसूची के प्रथम स्तंभ में विनिर्दिष्ट प्रत्येक भाग ‘ग’ राज्य इस संबंध में धारा 13 की उप-धारा (1) के अधीन गठित सलाहरकार समिति के परामर्श से उस राज्य में निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन के प्रस्तावों को धारा 27 ग के अधीन तैयार करेगा, और
(ख) हिमाचल प्रदेश के संबंध में, उक्त उप-धारा के अंतर्गत गठित सलाहकार समिति के परामर्श से बिलासपुर तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों में निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन के लिए धारा 27 ग के अधीन प्रस्ताव तैयार करेगा। और उक्त धारा 27 ग के अधीन आदेश देने के लिए राष्ट्रपति को प्रस्ताव प्रस्तुत करेगा।
(2) धारा 27 ग के अधीन दिया गया प्रत्येक आदेश, ऐसा आदेश दिए जाने के बाद, संसद के समक्ष रखा जाएगा और उसमें वे संशोधन किये जा सकेंगे जो संसद ऐसे आदेश के रखे जाने की तारीख के 20 दिन के अंदर-अंदर, प्रस्ताव द्वारा, करना चाहे।
27 च. राज्य परिषद के निर्वाचन-क्षेत्रों के लिए निर्वाचक नामावलीµ(1) किसी राज्य या राज्यों के समूह के लिए निर्वाचन-मंडल के सदस्यों का निर्वाचन करने के लिए उस राज्य या राज्यों के समूह में प्रत्येक राज्य परिषद निर्वाचन-क्षेत्र के लिए निर्वाचक नामावली होगी।
(2) जहाँ तक राज्य परिषद निर्वाचन-क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का सवाल है, भाग 3 के अधीन लागू कुछ समय के लिए किसी संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र या निर्वाचन-क्षेत्रों के लिए नामावली या नामावलियाँ उस राज्य परिषद निर्वाचन के लिए निर्वाचन नामावली मानी जाएगी।
27 छ. कुछ निरर्हताओं के कारण निर्वाचक-मंडल की सदस्यता को खत्म किया जानाµयदि निर्वाचक-मंडल का कोई सदस्य भ्रष्टाचार तथा अवैध आचरण और संसद के चुनाव के संबंध में अन्य अपराध से संबंधित किसी कानून के उपबंधों के अंतर्गत संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया जाता है तो ऐसा व्यक्ति निर्वाचक-मंडल का ऐसा सदस्य नहीं रहेगा।