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द्वारा उस राज्य के लिए विधायिका के रूप में कार्य करने हेतु किसी निकाय का गठन करती है तब ऐसे निकाय के गठन के पश्चात् उस राज्य के लिए किसी निर्वाचक-मंडल का गठन या पुनर्गठन आवश्यक नहीं होगा और ऐसे निकाय के गठन के बाद उस राज्य के लिए उस समय कार्यरत किसी निर्वाचक-मंडल को भंग माना जाएगा तथा धारा 27 ज या 27 झ, जैसी भी स्थिति हो, उस राज्य पर वैसे ही लागू होगी मानों ऐसे राज्य के लिए निर्वाचक-मंडल के किसी निर्देश हेतु लागू होती और उस धारा में ऐसे राज्य के लिए इस प्रकार बनाए गए निकाय के प्रति निर्देश प्रतिस्थापित किया गया हो।
(ख) यदि बिलासपुर तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों में से प्रत्येक राज्य के लिए उक्त के अनुसार कोई ऐसा निकाय इस प्रकार गठित किया जाता है तब ऐसे दोनों निकायों के बनने के बाद उन राज्यों के लिए किसी निर्वाचक-मंडल का गठन या पुनर्गठन आवश्यक नहीं होगा और ऐसे दोनों निकायों के गठन के बाद उन राज्यों के लिए उस समय कार्यरत किसी निर्वाचक -मंडल को भ्ांग माना जाएगा तथा धारा 27 ज राज्यों के उस समूह पर वैसे ही लागू होगी मानों उस धारा में राज्यों के उक्त समूह के लिए निर्वाचक-मंडल हेतु किसी निर्देश की दशा में होती और उन राज्यों के लिए इस प्रकार बनाए गए निकायों के प्रति निर्देश प्रतिस्थापित किया गया हो_ और
(ग) यदि उक्त वर्णित कोई ऐसा निकाय कुर्ग राज्य के लिए इस प्रकार गठित किया जाता है तब ऐसे निकाय के गठन पर धारा 27 ‘झ’ उस राज्य पर उसी प्रकार प्रभावी होगी जैसे वह उस धारा क अंतर्गत कुर्ग विधान परिषद की दशा में किसी निर्देश के लिए लागू होती और ऐसे राज्य के लिए इस प्रकार गठित किसी निकाय के प्रति निर्देश प्रतिस्थापित किया गया हो।
ऽमाननीय अध्यक्षः श्री देशबन्धु गुप्ता द्वारा संशोधन रखा गयाः
डॉ. अम्बेडकर द्वारा संशोधन में, प्रस्तावित नए खड 10 ‘ख’ में, लोक-प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की प्रस्तावित नई धारा 27 ‘क’ की उप-धारा (1) वर्तमान प्रथम परन्तुक पहले निम्नांकित जोड़ा जाएः
फ्परंतु दिल्ली राज्य को आबंटित सीट को भरने के प्रयोजन से नगरपालिका समितियों, जिला बोर्ड तथा अधिसूचित क्षेत्र समितियों जैसे सभी स्थानीय निकायों और मुख्य आयुक्त सलाहकार परिषद एवं लोकसभा के निर्वाचित सदस्य निर्वाचक-मंडल के सदस्य होंगे।य्
डॉ. अम्बेडकरः मेरे आदरणीय मित्र श्री देशबन्धु गुप्ता द्वारा रखे गए संशोधन के संबंध में मैं एक या दो बिन्दुओं का हवाला देना चाहूँगा। यदि इस संशोधन को उन अन्य
ऽसं. वा., खंड 7, भाग II, 21 दिसंबर, 1950, पृष्ठ 2231-33