24. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 206

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बोर्डों में नई जनसंख्या में बहुत बड़े भाग को बिल्कुल प्रतिनिधित्व नहीं मिलता या ये प्रतिबिम्बित नहीं होते। उन्हें प्रतिनिधित्व न देना बहुत ही गलत होगा।

श्री कामथः महोदय, मैं आपके ध्यान में लाना चाहूंगा कि डॉ. अम्बेडकर ने कुछ देर पहले माननीय सदस्यों को ‘प्रत्येक’ कहा था। मैं नहीं जानता क्या यह उपयुक्त है। यह असंसदीय तो नहीं हो सकता किन्तु यह गरिमामय नहीं है। ऐसा मेरा विश्वास है। अतः मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस बिन्दु पर आप अपना निर्णय न दे सकें तो अपने विचार बताएँ।

माननीय अध्यक्षः मैं इस अभिव्यक्ति का कोई अभद्र अर्थ नहीं निकालता और उनका आशय संसद सदस्यों से नहीं था। बहुत सारे लोग मंत्रियों के पास इस-उस काम से आते हैं और ‘प्रत्येक’ शब्द केवल संसद सदस्यों के लिए ही लागू नहीं होता। किसी भी तरह कोई भी माननीय सदस्य यह नहीं सोचेगा कि यह उसके ऊपर सटीक बैठता है।

श्री वी.दासः महोदय, माननीय स्वास्थ्य मंत्री जो दिल्ली नगर निकायों के नियंत्रक हैं, हमारी सहायता के लिए यहां उपस्थित नहीं हैं। क्या हम इस प्रश्न को उनकी सहायता से बाद में हल नहीं कर सकते?

माननीय अध्यक्षः यह प्रत्याशित नहीं थीं कि अनौपचारिक सम्मेलनों के बाद और इस सम्मेलन के उद्देश्य से इस प्रश्न को स्थगित करने के बाद इस बिन्दु पर पुनः चर्चा की जाएगी। मैं लेने और देने की बात, कुछ यहां देने और कुछ वहां देने, की उम्मीद करता रहा हूँ। कुल मिलाकर मानवीय आधार पर हरेक के प्रति पूरा न्याय करना असंभव है। हमें अधिकतम न्याय देने की कोशिश करनी चाहिए। और इस प्रकार मैं आगे बढ़ता हूं। अब यह स्थिति कैसी है? क्या मैं इस संशोधन को सदन के समक्ष रखूं?

डॉ. अम्बेडकरः सुझाव है कि ‘निर्वाचित’ शब्द के स्थान पर हम ‘शासकीय को छोड़कर अन्य सदस्य’ शब्द रख सकते हैं।

श्री देशबंधु गुप्ताः मुझे यह परिवर्तन स्वीकार है।

माननीय अध्यक्षः अब आगे कोई चर्चा नहीं होगी, लेकिन हमें यह विधेयक पारित करना होगा। अन्यथा माननीय सदस्यों को अन्य विधेयकों के लिए कल पर्याप्त समय नहीं मिलेगा। मेरे सामने अब कठिनाई यह है कि मैं इस संशोधन को कैसे रखूं?

ऑर्डर, ऑर्डर, सदन में शोरगुल कम से कम हो।

परिवहन तथा रेल मंत्री (श्री गोपालस्वामी)ः मैं ‘जैसेकि’ शब्दों को हटाने की वांछनीयता के बारे में विधि मंत्री को सुझाव देना चाहूंगा। मैं समझता हूं कि हमें ‘नगरपालिका समिति, जिला बोर्ड तथा अधिसूचित क्षेत्र समितियों के सदस्य’ कहना