24. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 209

194 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय अध्यक्षः संशोधन रखा गयाः वही जो ऊपर किया गया।

श्री द्विवेदीः मैं प्रस्ताव रखने की अनुमति चाहता हूँः

प्रस्तावित नए खंड II -क में डॉ. अम्बेडकर द्वारा रखे गए संशोधन में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की प्रस्तावित पाँचवी अनुसूची के स्थान पर निम्नांकित रखी जाएµ

फ्पाँचवी अनुसूचीय्

[ धाराएं 27-क (2), 27-ग(क), 27-घ, ( II ) तथा 27-झ (क) देखिए) निर्वाचन-मंडलों के सदस्यों की संख्या

राज्य का नाम सदस्यों की संख्या

  1. अजमेर 30

  2. भोपाल 30

  3. बिलासपुर और हिमाचल प्रदेश 42

  4. कच्छ 30

  5. मणिपुर 30

  6. त्रिपुरा 30

  7. विन्ध्य प्रदेश 60य्

सुबह मैंने भाग-ग राज्यों के कुछ अन्य प्रतिनिधियों के साथ डॉ. अम्बेडकर से बात की थी और हमने उनसे कहा था कि यदि निर्वाचन-मण्डल छोटे बनाए गए, तो परेशानी होगी और निर्वाचक-मण्डल जितना छोटा होगा, भ्रष्टाचार को उतना ही बढ़ावा मिलने की आशंका रहेगी। अतः सुझाव दिया गया कि निर्वाचक मंडल बड़े होने चाहिएं और डॉ. अम्बेडकर ने यह सुझाव मान लिया था। इसलिए यह संशोधन मेरे एवं अन्य के द्व ारा प्रस्तावित किया गया। महोदय, मैं पेश करता हूँ।

माननीय अध्यक्षः यथोक्त संशोधन (श्री द्विवेदी का) पेश कियाः

डॉ. अम्बेडकरः महोदय, मैं यह संशोधन स्वीकार करता हूँ।

माननीय अध्यक्षः क्या इस खंड विशेष के लिए कोई अन्य संशोधन है?

डॉ. अम्बेडकरः जी हाँ, कुछ औपचारिक अक्षरों का पुनः संख्यांकन, आदि करना है।