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माननीय अध्यक्षः उसे हम बाद में करेंगे। यदि यह संशोधन स्वीकार कर लिया जाता है तो मैं संशोधित खंड को सदन के समक्ष रखूँगा।
श्री कामथः लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की प्रथम अनुसूची में, अण्डमान एवं निकोबार द्वीप समूह को भाग-ग राज्यों की श्रेणी में रखा गया है। मुझे नहीं मालूम कि उसकी अब क्या स्थिति है।
माननीय अध्यक्षः उद्घाटन भाषण में यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि ऐसा कुछ भी नहीं है। यह केवल दंडात्मक बस्ती है। अतः मैं इस संशोधन को मतदान के लिए रखूँगा। प्रश्न हैः
श्री द्विवेदी का प्रस्ताव अंगीकार कर लिया गया।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः
खंड 11 के बाद निम्नांकित नया खंड जोड़ा जाएः
फ्11-क 1950 के अधिनियम XLIII की नयी पाँचवी अनुसूची में जोड़ा जानाय्µउक्त अधिनियम की चौथी अनुसूची के बाद निम्नांकित अनुसूची को इस प्रकार जोड़ा जाएगाः
(यथोक्त अनुसूची)
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
नया खंड 11-क विधेयक में जोड़ा गया।
माननीय अध्यक्षः खंड 10-ख को छोड़कर और कोई खंड नहीं लिया जाना है।
एक माननीय सदस्यः औपचारिक संशोधन हैं।
माननीय अध्यक्षः पुनः संख्याकन जैसे औपचारिक संशोधन बाद में किए जाएंगे।
डॉ. अम्बेडकरः खंड 12 नहीं रखा गया है।
माननीय अध्यक्षः हाँ, खंड 12 बाकी है।
खंड 12 विधेयक में जोड़ा गया।
डॉ. अम्बेडकरः महोदय, मुझे नहीं मालूम कि क्या आपने नए खंड 27-झ को जोड़े जाने के संबंध में अनुपूरक सूची सं. 7 में मेरे संशोधन संख्या-2 को सदन के समक्ष रख दिया है। इसे रखा हुआ मान लिया गया है परंतु इसे रखा नहीं गया है और ना ही स्वीकार किया गया है।
माननीय अध्यक्षः इसे रखना होगा। यह 10-ख का हिस्सा होगा।