196 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
डॉ. अम्बेडकरः हाँ, परंतु यह अलग सूची में है। यही कारण था कि मैं आश्चर्यचकित था.....
माननीय अध्यक्षः खंड 10-ख रोक लिया गया था। अन्य संशोधनों को निपटाने के बाद मैं उसे समय रहते रख दूँगा, लेकिन यह भी हो सकता है कि मैं उसे भूल जाऊँ, ऐसे में माननीय सदस्य मेरा इस ओर ध्यान आकर्षित कर दें। अब क्या हम खंड 10-ख की ओर बढ़ें?
कुछ माननीय सदस्यः इसे निपटा देना चाहिए।
माननीय अध्यक्षः यदि सदस्य-गण इसे निपटाना चाहते हैं तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।
कुछ माननीय सदस्यः जी नहीं, अब हम इसे स्थगित करते हैं।
माननीय अध्यक्षः मैं स्वयं इसको लेकर कुछ शंकालु हो गया हूँ। भले ही यह संशोधन औपचारिक हो, परंतु यह एक लम्बा संशोधन है और माननीय सदस्य इसे देखना चाहेंगे तथा उसका अध्ययन करना चाहेंगे। इसलिए, इस समय हम इसे स्थगित करते हैं और कल दोपहर बाद 2 बजे फिर मिलते हैं। और मैं कहना चाहूँगा कि हम कल जितनी लम्बी चर्चा इस पर करेंगे, दूसरे विधेयकों के लिए उतना ही कम समय बचेगा क्योंकि दूसरे विधेयक के लिए गिलेटिन का समय ठीक शाम 6.00 बजे का होगा। हम कल के बाद नहीं बैठेंगे
इसके बाद सदन शुक्रवार, 22 दिसम्बर, 1950 के दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयकµजारी
नए खंड 10-क तथा 10-ख
ऽमाननीय अध्यक्षः अब हम लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का संशोधन विषयक विधेयक पर आगे विचार करेंगे। कल हम खंड 10-क तथा 10-ख पर चर्चा कर रहे थे और माननीय सदस्यों ने कुछ संशोधन रखे थे।
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर)ः महोदय, मैं आपका ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ कि मेरे नाम पर एक संशोधन था। यह अनुपूरक सूची सं. 7 में संशोधन सं. 2 है। मैं इसे अब रखना चाहूँगा। पहला संशोधन मेरे मित्र श्री गुप्ता द्वारा रखा गया। दूसरे का अभी निपटान नहीं हुआ है। क्या मैं इसे रख सकता हूँ?
ऽसं. वा., खंड 7, भाग II, 18 दिसंबर, 1950, पृष्ठ 2252-55