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द्वारा संशोधित कर दिया गया है। क्या वे नई धारा 27-×ा का हवाला देंगे जिसे सदन ने अभी-अभी अंगीकार किया है?
श्री जे.एन. इजारिकाः अब यह धारा 27-ट हो गयी है।
डॉ. अम्बेडकरः मेरे संशोधन के बाद धारा 27-×ा धारा 27-ट बन जाएगी।
ऽमाननीय अध्यक्षः ...........अब हम डॉ. अम्बेडकर के प्रथम संशोधन को लेते हैं। यह संशोधन उनके संशोधन का संशोधन है। इसका निपटान करने के बाद हम मुख्य संशोधन पर आएंगे। अपने संशोधन में संशोधन करने वाला जो प्रथम संशोधन डॉ. अम्बेडकर ने रखा है, वह अनुपूरक सूची सं. 8 में दिया हुआ है।
डॉ. अम्बेडकरः यह फ्इस प्रकार विनिर्दिष्टय् शब्दों को जोड़े जाने से संबंधित है।
माननीय अध्यक्षः यह संशोधन कमोवेश औपचारिक है। प्रश्न हैः
फ्डॉ. अम्बेडकर के संशोधन में, प्रस्तावित नए खंड 10-ख में, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की प्रस्तावित नई धारा 27-क की उप-धारा (3) में दूसरी पंक्ति में आने वाले शब्दों फ्किसी राज्य या राज्यों के समूह के लिए शब्दों के बाद इस प्रकार विनिर्दिष्टय् शब्द जोड़े जाएं।’’
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
माननीय अध्यक्षः अब हम दूसरे संशोधन को लेते हैं। वह भी कमोवेश औपचारिक संशोधन है। प्रश्न हैः
डॉ. अम्बेडकर के संशोधन में, प्रस्तावित नए खंड 10-ख में, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की प्रस्तावित नई धारा 27-क की उप-धारा (4) में ‘निर्वाचक मंडल’ शब्दों के बाद उप-धारा (2) में विनिर्दिष्ट किसी ऐसे राज्य या राज्यों के समूह के लिए कोष्ठक तथा अंक शब्द जोड़े जाएं।
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
माननीय अध्यक्षः अब हम दिल्ली राजय के निर्वाचक मंडल के संशोधन की बात करते हैं जिसे धारा 27-क की उप-धारा (5) के रूप में जोड़े जाने का प्रस्ताव है। श्री त्यागी क्या कहना चाहते हैं?
श्री त्यागीः महोदय, मैं यह पूछना चाहता हूँ कि फ्गैर-सरकारी (गैर-पदीय)य् शब्द का अर्थ क्या है?
ऽसं. वा., खंड 7, भाग II, 22 दिसंबर, 1950, पृष्ठ 2263-64