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डॉ. अम्बेडकरः मैं पूरी तरह सहमत हूँ कि इससे अभियोजन रुक नहीं सकता। किन्तु भाग्यवश ऐसा कोई मामला नहीं घटा है तथा अब यह घट भी नहीं सकता चूंकिं वह अवधि मूल अधिनियम से पीछे रह गई है।
श्री कामथः किन्तु तब महोदय..........
माननीय अध्यक्षः ऑर्डर ऑर्डर। अब यह मुद्दा एक बहुत स्पष्ट है।
डॉ. अम्बेडकरः मेरे मित्र श्री कामथ ने इस विधेयक को सदन में लाने के कारणों पर विचार करते हुए, यदि मुझे ऐसा कहने की अनुमति है, कुछ काफी गंभीर अभिकथन किए हैं। सरकार की ओर से प्रति विरोध यह है कि यह विधेयक लाना इसलिए आवश्यक हो गया कि ऐसे राज्य जिनसे सूची तैयार करने संबंधी उपबंधों को कार्यान्वित करना अपेक्षित था, अब तक ये कार्य नहीं कर सके हैं। मेरे मित्र का सुझाव है कि इसके पीछे एक और कारण भी है और वह कारण यह है कि इस देश में कुछ ब्रिटिश दंत चिकित्सक भी कार्य कर रहे हैं जो स्वयं को अधिवासी नहीं बनाना चाहते हैं, और स्वयं को पंजीकृत कराना नहीं चाहते हैं तथा यह विधेयक उन्हें लाभ देने के लिए बनाया गया है। अब, यह बात मेरी समझ से बाहर है एक ब्रिटिश दंत चिकित्सक जिसका इस देश में अधिवासी बनने का कोई इरादा नहीं है, इस समयावधि में एक वर्ष के विस्तार से उसे कैसे लाभ पहुँचेगा। मैं यह समझ नहीं सकता। किन्तु यदि मेरे मित्र अपने इस सुझाव पर अड़े रहते हैं, जो कि सरकार के एक माननीय सदस्य पर बहुत ही गंभीर आरोप है, तब उनका यह कर्तव्य होना चाहिए कि जब वह सदस्य वापस आए तो उसके सामने यह प्रश्न रखा जाए और उनसे उनका उत्तर माँगा जाए कि क्या इस विशेष विधेयक को प्रस्तुत करने के पीछे वास्तव में यही उद्देश्य था। मैं कोई भी स्पष्ट उत्तर नहीं दे सकता, किन्तु मैं इतना अवश्य कहूंगा कि मुझे इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है कि सरकार का एक माननीय सदस्य एक ऐसा विधेयक प्रस्तुत करने का साहस करेगा जिसका उद्देश्य और कुछ न होकर मात्र इतना हो कि इस देश में एक अथवा दो यूरोपीय दंत चिकित्सकों को लाभ पहुंचाया जाए। मुझे यह अभिकथन एकदम बेतुका लगता है।
श्री कामथः मैंने यह नहीं कहा कि यही एक उद्देश्य है, यह भी एक उद्देश्य हो सकता है।
माननीयस अध्यक्षः किन्तु अब भी यह सुझाव बहुत अहितकर है।
डॉ. अम्बेडकरः उस मुद्दे पर भी मैं उनका ध्यान उनके द्वारा पूछे गए इस प्रश्न के कि ऐसे सभी राज्यों की मौजूदा स्थिति बताओ, जिन्हें यह बताने के लिए लिखा गया था कि उन्हें यह रजिस्टर तैयार करने में कितना समय लगेगा, उत्तर की ओर दिलाना चाहूंगा। राज्यों ने उत्तर दिया है कि उन्हें इस काम को करने में कम से कम एक वर्ष लगेगा। और बम्बई सरकार, जिसके बारे में यह कहा जा सकता है कि वहां प्रशासनिक