28. भाग-ख राज्य (विधियाँ) विधेयक - Page 255

240 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अनुसूची

डॉ. अम्बेडकरः मुझे आश्चर्य हो रहा है कि क्या मेरे नाम पर दर्ज इस अनुसूची के सभी संशोधन प्रस्तावित मान लिए जाएंगे।

माननीय अध्यक्षः क्या सदन इस तरीके से सहमत है?

माननीय सदस्यः जी हाँ।

श्री शिवचरण लालः इन संशोधनों को मतदान के लिए रखने से पूर्व मैं एक मुद्दे पर स्पष्टीकरण चाहूंगा। इस अनुसूची के पृष्ठ-4 पर सरकारी बचत बैंक अधिनियम, 1873 के अन्तर्गत यह कहा गया है कि यह अधिनियम त्रावणकोण-कोचीन राज्य की अन्चल सेविंग्स बैंक में की गई किसी भी जमा पर लागू नहीं होगा। हमें यह स्पष्ट नहीं है कि इस बैंक पर यह क्यों लागू नहीं होगा।

डॉ. अम्बेडकरः मुझे डर है कि मैं विभिन्न प्रश्नों के उत्तर आसानी से दे पाऊंगा। इसलिए मैं अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहूंगा। यह विधेयक अनुपूरक प्राक्कलन की तरह है जिसे वित्त मंत्री सदन के समक्ष रखते हैं। यद्यपि पृथक-पृथक प्राक्कलनों पर सफाई देने का वास्तविक उत्तरमित्व अलग-अलग मंत्रियों का होता है जो इनके लिए उत्तरदायी होते हैं। मैं केवल उसका प्रायोजन कर रहा हूं जो अन्य विभाग चाहते हैं कि ऐसा किया जाना चाहिएं। मुझे खेद है कि वित्त मंत्री यहां नहीं हैं, अन्यथा ये मेरे मित्र को यह ठीक-ठीक बता देते कि वह विशेष संशोधन क्यों करना चाहते हैं। इस पर भी, मुझे विश्वास है कि मेरे मित्र इससे सहमत होंगे कि ऐसा बहुत जान-बूझकर एवं पर्याप्त सोच-विचार कर किया गया होगा।

माननीय अध्यक्षः यदि सदन को कोई आपत्ति नहीं है तो मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है, किन्तु यह प्रक्रिया सन्तोषजनक नहीं है। मतदान करने से पूर्व किसी भी माननीय सदस्य को यह जानने का हक है कि उसे मतदान किस पर और क्यों करना है। यदि स्थिति अनुपूरक प्राक्कलन जैसी हो तो भी माननीय सदस्यों की सहायतार्थ कुछ नोट्स लगाए जाने चाहिए जिनमें वे कारण दिए हों कि उनसे किसी प्रस्ताव पर मतदान करने के लिए क्यों अपील की जा रही है।

डॉ. अम्बेडकरः यह बहुत ही महत्वपूर्ण सुझाव है। हम कोशिश करेंगे और इसका अनुसरण करेंगे।

माननीय अध्यक्षः श्री शिवचरन लाल की वर्तमान स्थिति क्या है? क्या वे बिना कारण जाने इस पर मतदान के लिए राजी हैं?