28. भाग-ख राज्य (विधियाँ) विधेयक - Page 261

246 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

धारा 2 के बाद निम्नांकित रखें, अर्थात्µ

‘2-क हैदराबाद के एक रुपये के नोटों के संबंध में अस्थायी उपबंध-भाग-ख राज्य (विधियां) अधिनियम, 1951 की धारा 6 में दी गई किसी बात के होते हुए एक रुपए मूल्य वर्ग के नोट, जो उक्त अधिनियम के आरंभ के समय हैदराबाद रियासत में वैध मुद्रा के रूप में प्रचलन में थे, उस राज्य में उस सीमा तक तथा उन्हीं परिस्थितियों के अधीन जो उक्त अधिनियम के प्रारंभ से ठीक पहले थीं और ऐसी अवधि तक, जो ऐसे प्रारंभ से दो वर्ष से अधिक नहीं होगी, जैसा कि केन्द्रीय सरकार राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा, विहित करें, चलते रहेंगे।’

  1. इस अनुसूची में, निम्नांकित को प्रथम प्रविष्टि के रूप में रखेंः

‘जाति निर्योग्यता निवारण अधिनियम, 1850 (1850 का XXI )

पूरा शीर्षक तथा उद्देशिकाः ‘ईस्ट इंडिया कम्पनी सरकार के अधीन राज्य-क्षेत्रों’ को ‘भारत’ से प्रतिस्थापित किया जाए।

धारा 1- (1) ‘ईस्ट इंडिया कंपनी सरकार के अधीन राज्य-क्षेत्रों के स्थान पर ‘भारत’ प्रतिस्थापित किया जाए और ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ के न्यायालयों में तथा उक्त राज्य-क्षेत्रों के अंतर्गत रॉयल चार्टर द्वारा गठित न्यायालयों में’ के स्थान पर ‘किसी न्यायालय में’ प्रतिस्थापित किया जाए। धारा 1 के बाद, निम्नांकित धारा जोड़ी जाए, अर्थात्µ

  1. संक्षिप्त नाम तथा विस्तार- (1) इस अधिनियम का नाम जाति निर्योग्यता निवारण अधिनियम, 1850 है।

(2) इसका विस्तार ‘जम्मू और कश्मीर राज्य’ को छोड़कर समस्त भारत पर है।

µ(डॉ. अम्बेडकर)

यथा संशोधित अनुसूची विधेयक में जोड़ी गई।

खंड 1-(संक्षिप्त नाम आदि)

संशोधन किया गयाः

खंड 1 के उप-खंड (1) में तथा इस विधेयक में कहीं भी जहां भाग-ख राज्य (विधियां) अधिनियम, 1950 का उल्लेख आए ‘1950’ के लिए ‘1951’ प्रतिस्थापित किया जाए।

µ(डॉ. अम्बेडकर)

यथा संशोधित खंड 1 को विधेयक में जोड़ा गया।