29. उच्चतम न्यायालय अधिवक्ता (उच्च न्यायालय में वकालत) विधेयक - Page 273

258 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

सदस्य के रूप में नामांकित अधिवक्ता को उस प्रांत में जाने और मामले की पैरवी करने का अधिकार दिया जाना चाहिए जिस प्रांत से संबंधित वह मामला है चाहे उस प्रांत के न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में उसका नामांकन न भी हुआ हो। यदि आप केवल उदाहरण के दिए गए फ्मद्रासय् शब्द को बदल देते हैं जैसाकि मंत्री महोदय ने फ्बम्बईय् शब्द द्वारा किया है और उसके बाद सभी क्रियाविधियों को क्रमवार लागू करते हैं जैसा कि उन्होंने किया है तो आप पाएंगे कि इस विधेयक में सुनिश्चित रूप से व्यक्त उद्देश्य की पूर्ति नहीं होती। मैं स्वयं इस उदाहरण को दोहराऊंगा।

मान लीजिए कोई मामला (केस) बम्बई से आया है और मद्रास के किसी अधिवक्ता को उच्चतम न्यायालय के समक्ष किसी अपील कर मामले की पैरवी करने के लिए नियुक्त किया जाता है तो यह संभव है कि उच्चतम न्यायालय इस मामले को न केवल उच्च न्यायालय के अपीली पक्ष को वापस भेज दे अपितु उस मूल न्यायालय क पास निष्कर्ष के लिए भी वापस भेज दे। जहाँ अधिवक्ता ने इस मामले (केस) का अध्ययन किया व इसको तैयार किया और इस पर काफी समय खर्च कियाµमुवक्किल ने भी उस अधिवक्ता को इस केस के बारे में खुलासा करते समय व निदेश देते समय काफी पैसा भी खर्च किया होगा जैसा कि मंत्री महोदय ने बताया, मूल पक्ष की ओर से मात्र इसलिए उपस्थित नहीं होने दिया जाएगा कि इस विधेयक के अपवाद समाविष्ट किया गया है। आइए मैं समाविष्ट किए गए इस अपवाद के औचित्य पर दृष्टिपात करूँ।

डॉ. अम्बेडकरः इसमें कोई तक नहीं है, यह मैं स्वीकार करता हूँ।

श्री वेंकटरमनः इन्होंने मेरे मुँह की बात छीन ली है।

डॉ. अम्बेडकरः मैं तर्क को नहीं मानता। मैं काम को जल्दी निपटाने में विश्वास करता हूँ।

श्री वेंकटरमनः तो मैं अपनी बात इस आधार पर आगे बढ़ाऊँ कि इसमें कोई तर्क नहीं है।

माननीय अध्यक्षः क्या मैं माननीय मंत्री जी से पूछ सकता हूँ कि क्या इसमें अनुच्छेद 22 के अधीन मूल अधिकारों का प्रश्न अन्तर्वलित नहीं है?

डॉ. अम्बेडकरः हमने अभी अनेक न्यायाधीशों से सुना है कि वे वर्गीकरण करने के लिए तैयार हैं।

श्री वेंकटरमनः संविधान का अनुच्छेद 22 विधि व्यवसायियों को यह अधिकार देता है कि वे सभी न्यायालयों में हाजिर हो सकते हैं। निश्चित रूप से इस अधिनियम को किसी दिन कुछ उत्साही वकील चुनौती देंगे और इसमें कोई संदेह नहीं है।