32. जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक विधेयक - Page 295

280 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

डॉ. अम्बेडकरः मुझे डर है कि मैं यह संशोधन स्वीकार नहीं कर सकता।

श्री जे.आर. कपूरः मैं इसके लिए दबाव नहीं डालना चाहता। यदि माननीय मंत्री इसे स्वीकार नहीं करते हैं तो वे इस नाम को कोष्ठक में डाल दें जैसा कि हमारे देश के नाम भारत के साथ किया गया है जिसे कोष्ठक में लिखा गया है।

डॉ. अम्बेडकरः मुझे डर है, मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता।

श्री जे.आर. कपूरः तब फिर मैं दबाव नहीं डालता।

माननीयः प्रश्न है।

फ्कि यह खंड-2 इस विधेयक का हिस्सा है।य्

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

खंड-2 को विधेयक में जोड़ा गया।

खंड 2 (इस न्यास ट्रस्ट के उद्देश्य)

श्री कॉमथ (मध्य प्रदेश)ः मैं प्रस्ताव रखने की अनुमति चाहता हूँः

खंड 3 के भाग (ग) में ‘जुटाना तथा प्राप्त करना’ के स्थान पर ‘जुटाना, प्राप्त करना तथा प्रबंध करना’ शब्द रखे जाएँ।

उप-खंड, जो इस प्रकार हैµ

फ्इस न्यास के उद्देश्य होंगेµ

(ग) इस स्मारक के प्रयोजनों के लिए धन जुटाना तथा प्राप्त करना।य्

यह तर्कसंगत है कि इस ट्रस्ट को न केवल धन जुटाने तथा प्राप्त करने के लिए बनाया जाएगा बल्कि उस धन का प्रबंधन करने के लिए भी बनाया जाएगा। अन्यथा इसके कर्त्तव्यों तथा कार्यों का विवरण अपूर्ण होगा। इसलिए मैं यह संशोधन रखता हूं और सदन की स्वीकृति के लिए सिफारिश करता हूँ।

माननीय अध्यक्षः मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या कोई अन्य संशोधन पेश किया जा रहा है।

श्री जे.आर. कपूरः मैं प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति चाहता हूँः

खंड 3 के भाग (ग) के बाद नया भाग अन्तःस्थापित कीजिएः

फ्(घ) इस न्यास के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए अन्य कोई कार्य करना।य्

ताकि इसमें एक और उद्देश्य जुड़ जाएगा। यह उद्देश्य किसी विशेष प्रकृति का न