294 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
व्यक्तिगत रूप से काफी विक्षुब्ध हूँ। इस प्रयोजनार्थ मैं उन अर्थान्वयन नियमों का संक्षेप में उल्लेख करना चाहूंगा, जिन्हें उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने अपनाया है, परन्तु इससे पहले मैं उन संरचना नियमों का उल्लेख करना चाहूँगा, जिन्हें अमरीका के उच्चतम न्यायालय ने अपनाया है और मेरे विचार में यह बहुत प्रासंगिक है क्योंकि सदन को याद होगा कि यदि विश्व के किसी महत्वपूर्ण देश के किसी संविधान में मूल अधिकारों को स्थान दिया गया है तो वह अमरीका का संविधान है और हम में से जिन लोगों को हमारे अपने संविधान बनाने का भार सौंपा गया था, उन्हें हमारे अपने मूल अधिकारों की संरचना करते समय बार-बार अमरीका के संविधान का अवलोकन करना पड़ा था। मैं जानता हूँ कि बहुत से सदस्य अमरीका के संविधान से परिचित हैं। अमरीका का संविधान कैसा है? मेरे विचार में माननीय सदस्य इस बात के सहमत होंगे कि जहां तक मूल अधिकारों का संबंध है, भारत के संविधान में और अमरीका के संविधान में स्पष्टतः एक अन्तर है। अमरीका के संविधान में मूल अधिकार पूर्ण रूप से वर्णित हैं_ संविधान उसमें वर्णित मूल अधिकारों पर कोई पाबन्दी नहीं लगाता। दूसरी ओर, हमारा संविधान न केवल मूल अधिकारों को अधिकथित करता है, अपितु वह वर्णित मूल अधिकारों पर पाबन्दियां भी लगाता है और इन पाबन्दियों के बावजूद परिणाम क्या है। यह एक विचारणीय महत्वपूर्ण प्रश्न है। परिणाम यह है कि अमरीका के संविधान में यद्यपि मूल अधिकार पूर्ण रूप से वर्णित है, तथापि जहां तक न्यायिक व्याख्याओं का संबंध है, उन पर किसी न किसी रूप में पाबन्दियां लगाई गई हैं। अमरीका में कोई भी व्यक्ति यह दावा नहीं कर सकता कि उसके मूल अधिकार पूर्ण हैं तथा कांग्रेस को उनपर पाबन्दी लगाने या उन्हें नियमित कने का अधिकार नहीं है। हमारे देश्ख में, मैं एक विरोधाभास की स्थिति पाता हूँ, हमारे मूल अधिकार हैं, उन पर पाबन्दियां भी लगाई हुई हैं किन्तु फिर भी उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय कहते हैं, फ्आप मूल अधिकारों पर और अधिक पाबन्दियां नहीं लगायेंगे।य्
अब सवाल यह पैदा होता है कि यह परिणाम कैसे निकला? यहां मैं व्याख्या के उन नियमों को लेता हूँ, जिन्हें अमरीका में और हमारे देश के उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों द्वारा अपनाया गया है। जो माननीय सदस्य अमरीका के संविधान के विकास के बारे में जानते हैं, उन्हें मालूम है कि अमरीका का संविधान हड्डियों का एक ढांचा था और अमरीका के उच्चतम न्यायालय ने इस पर मांस का कलेवर चढ़ाया है और इसे शक्ति प्रदान की है, ताकि इसे एक शरीर की दृढ़ता और फुर्ती मिल सके, जिसकी एक मनुष्य को आवश्यकता होती है। यह कैसे हुआ? अमरीका का उच्चतम न्यायालय विश्व का पहला न्यायालय है जिसे नागरिक के मूल अधिकारों और राज्य के हितों के बीच तालमेल बिठाने का कार्य सौंपा गया था। इस न्यायालय ने शुरू में काफी काम किया और इसे संविधान के दो मिश्रित सिद्धान्तों का पता चला। एक यह है कि