4. प्रांतेतर अधिकारिता विधेयक - Page 32

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द्वारा प्रयोक्तव्य थीं। हमें अपने प्रश्न पर वापस जाकर यह पता करना चाहिए कि वे कौन-सी शक्तियां थीं जो देशी रियासतों के संबंध में सम्राट के कार्यों की बाबत महामहिम सम्राट के प्रतिनिधियों द्वारा प्रयोग की जा रही थीं। भारतीय विधानमंडल द्वारा पारित विदेशी अधिकारिता अधिनियम जिसमें राज्यों के संबंध में सम्राट के कार्यों के निष्पादन में महामहिम सम्राट के प्रतिनिधि द्वारा शक्तियों, प्राधिकार और अधिकारिता का प्रयोग किया गया था, को बहुत संक्षेप में खंड 2 के भाग (क) में वर्णित किया गया है अर्थात् फ्संधि, अनुदान, प्रथा, अनधिकार ग्रहण या अन्य विधिपूर्ण साधन। ये बिल्कुल वहीं शब्द हैं जो भारतीय विदेशी अधिकारिता अधिनियम में हैं, और यही वे शब्द हैं जिन्हें हमने अपने अधिनियम में अपनाया है क्योंकि देशी रियासतों द्वारा पारित अंगीकार पत्र वे सभी शक्तियां देते हैं जो राज्यों और सर्वोपरिता के संबंध में महामहिम सम्राट का प्रतिनिधि प्रयोग करता है। अतः मुझे यह पूर्ण रूप से पुनरुक्त प्रतीत होता है, चाहे आप यह कहें कि आप अपनी शक्तियां अंगीकार पत्र से प्राप्त करते हैं या आप यह कहें कि आप संधि, प्रथा, अनधिकार ग्रहण आदिय्, जो ऐसी पद्धतियां थीं जिनसे सर्वोपरि प्राधिकारी द्वारा शक्ति प्राप्त की गई थी, द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हैं, मुझे इनमें कोई अंतर प्रतीत नहीं होता। ये एक ही और एक-समान हैं, इसी लिए मेरा निवेदन है कि उस कठिनाई के अतिरिक्त जिसका मैंने उल्लेख किया है कि जनजातीय क्षेत्र के संबंध में आप कोई संशोधन स्वीकार नहीं कर सकते, यह संशोधन भी पूर्ण रूप से वास्तविक स्थिति की समझ केग कुछ भ्रम पर आधारित प्रतीत होता है और मुझे पुनरुक्त प्रतीत होता है और इसमें उससे अधिक कुछ नहीं है जो कि विधेयक में पहले ही प्रस्तावित किया जा चुका है।य्

श्री एम. अन्नतसयनम अय्यंगर (मद्रासः साधारण)ः मेरे माननीय मित्र, विधि मंत्री ने विदेशी अधिकारिता अधिनियम के प्रति निर्देश किया। मैं स्वयं भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के अधिक निकट आता हूँ। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के खंड 7 के अंतर्गत, जिसके प्रति इस संशोधन में संशोधन का प्रस्ताव करने वाले मेरे माननीय मित्र द्वारा निर्देश किया गया है, सर्वोपरिता समाप्त हो जाती है। यह कैसे हुआ कि अधिमिलन के दूसरे भाग के अन्तर्गत प्रदत्त सर्वोपरिता जिसे माननीय विधि मंत्री ने पढ़ा था, का प्रयोग हो गया। मैं भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम का संबंधित खंड पढ़ता हूँ।

फ्..........और महामहिम सम्राट द्वारा उस तारीख को संधि, अनुदान, प्रथा, अधिकार-ग्रहण द्वारा या अन्यथा देशी रियासतों के संबंध में प्रयोक्तव्य सभी शक्तियाँ, अधिकार, प्राधिकार या अधिकारिता।य्

ये वहीं शब्द हैं जिनकी नकली की गई है।