330 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उसके बारे में, जैसा मैंने कहा, इस सदन की समिति बहुत बाद में सहायक सिद्ध हो सकेगी। उससे पहले किसी को उस सारी सामग्री की जांच करनी होगी, जिसे समिति के समक्ष रखा जाएगा। यदि यह नहीं किया गया तो समिति किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकेगी। प्रारम्भिक कार्य करना तो आवश्यक होगा, और मेरे दिमाग में यह विचार है कि हम मामले की जांच करने और हमें यह प्रतिवेदन देने के लिए कि अनुच्छेद 372 की दृष्टि से किन विधियों पर विचार करने की आवश्यकता है, उच्च न्यायालयों के कुछ सेवानिवृत्त न्यायधीशों की एक छोटी-सी समिति नियुक्त करना वांछनीय होगा।
श्री कॉमथः इस सदन के सदस्य?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैंने सोचा कि मेरे मित्र कह रहे हैं कि वे सदस्य जो वकील हैं। हाँ उन्हें भी चुना जा सकता है। प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद उसे विश्वास में लिया जा सकता है और इस मामले के संबंध में निर्णय लिया जा सकता है।
श्रीमती दुर्गाबाईः मैं विधि मंत्री से एक बात का स्पष्टीकरण चाहती हूँ। हमें बताया गया है कि जब कभी समवर्ती सूची की किसी मद पर किसी राज्य विधानमंडल द्वारा कोई कानून बनाया जाता है, तो वह स्वतः केन्द्र के पास परामर्श, सलाह आदि के लिए आता है। मैं यह जानना चाहती हूँ कि जब इस प्रकार का प्रस्तवित विधान, केन्द्र के पास भेजा जाता है, तो क्या यह फैसला करने का काम कि क्या वह विधान संविधान के अनुरूप है या नहीं, प्रारूपकारों पर छोड़ दिया जाता है? इसका क्या तरीका है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे खेद है कि माननीय सदस्या पूरी तरह भ्रम में हैं।
श्रीमती दुर्गाबाईः उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। विधि मंत्री को भ्रम दूर करना चाहिए।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः संविधान में संशोधन की प्रक्रिया वर्तमान विधियों के संबंध में अपनाई जाती हैं। यह भविष्य में बनाई जाने वाली विधियों पर लागू नहीं की जाती। हमारे पास जो विधियां परामर्श के लिए भेजी जाती हैं, वे भविष्य की विधियां होती हैं। यह अनुच्छेद उन वर्तमान विधियों के संबध में है, जो उस समय बनाई गई थी जब भारत शासन अधिनियम में मूल अधिकारों विषयक कोई अध्याय नहीं था और जिन्हें अब मूल अधिकारों के अधीन लाया गया है और इसी कारण वे असंगत हो गई हैं। इस असंगति दूर करना होगा।
माननीय उपाध्यक्षः मुद्दा इस समय बनाई जाने वाली विधियों के संबंध में है। यदि विधि समवर्ती सूची से संबंधित है, तो उसे राष्ट्रपति की अनुमति के लिए आरक्षित