338 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
दिया जाना चाहिए। यों मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है कि इन्हें कल ले लिया जाये और आज कोई और सरकारी कार्य निपटा लिया जाये।
श्री सत्य नारायण सिंह (संसदीय कार्य राज्य मंत्री)ः कार्यसूची की अगली मद ले ली जाये।
माननीय अध्यक्षः यह अनुरोध तो उचित ही लगता है।
ऽ(प्रस्तावों के पाठ के लिए देखिये परिशिष्ट 33, उपाबंध 4)
मध्य प्रदेश आदेश
श्री एम.ए. हसन (मध्य प्रदेश)ः मैं प्रस्ताव करता हूँः
(प्रस्तावों के पाठ के लिये देखिये परिशिष्ट 33, उपाबंध 4)
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं प्रस्ताव करता हूँः
(प्रस्तावों के पाठ के लिए देखिये परिशिष्ट 33, उपाबंध 4)
उत्तर प्रदेश आदेश
पं. बालकृष्ण शर्मा (उत्तर प्रदेश)ः मैं प्रस्ताव करता हूँः
(प्रस्तावों के पाठ के लिए देखिये परिशिष्ट 33, उपाबंध 4)
माननीय अध्यक्षः मैं नहीं जानता कि सरकार उत्तर प्रदेश आदेश संबंधी प्रस्तावों के बारे में क्या कार्यवाही करने का विचार रखती है? प्रस्ताव आज ही प्रस्तुत किये जाने चाहिये।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं एक कठिन स्थिति में हूँ, क्योंकि संशोधित ओदश अभी तक तैयार नहीं हुआ है।
माननीय अध्यक्षः क्या यह आज एक बजे तक तैयार हो पायेगा?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। मैं आपको और सदन को एक बजे तक बता दूंगा कि स्थिति क्या है।
माननीय अध्यक्षः बात यह है कि एक बजे तक ये प्रस्ताव अवश्य पेश किये जाने चाहिए। वर्ना ये प्रस्ताव सम्भवतः ग्राह्य नहीं होंगे। अतः मेरा सुझाव है कि प्रस्ताव
ऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 7 जून, 1951, पृष्ठ 10342-43