344 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय अध्यक्षः शान्ति-शान्ति। माननीय सदस्य अध्यक्ष को सम्बोधित करें।
श्री पी.जी. सेनः डॉ. अम्बेडकर निःसंदेह मुझसे अच्छे वक्ता हैं।
सदन के समक्ष यह प्रस्ताव पेश करते समय मेरे दिमाग में जो प्रश्न आया है वह यह क्या मैं भागलपुर के साथ अन्याय कर रहा हूँ या दरभंगा, या पूर्णिया के साथ अन्याय कर रहा हूँ?
मैं किसी के साथ अन्याय नहीं कर रहा हूँ। कोसी नदी भागलपुर और पूर्णिया के दो जिलों को विभाजित करती है और इस क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण करने पर जनता का काफी पैसा खर्च किया जा चुका है। जरा कोसी क्षेत्र के बाढ़ पीडि़त उन क्षेत्रों की दशा की कल्पना कीजिए जिनके लिए हम सदन ने कई बार कोसी परियोजना के निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह तो एक सिंचाई विभाग का मामला बनता जा रहा है।
श्री पी.जी. सेनः दूसरी बात जो मैं कहना चाहता हूँ वह यह है कि मैं भागलपुर के पूरे क्षेत्र को दरभंगा के साथ मिलाना चाहता हूँ और इसे बहुसदस्यी निर्वाचन-क्षेत्र बनाना चाहता हूँ जिसमें अनुसूचित जाति के लिए एक सीट आरक्षित होनी चाहिए। दरभंगा में अनुसूचित जातियों के मतदाताओं की संख्या लगभग 2 लाख 50 हजार है और पूर्णिया -सह-भागलपुर निर्वाचन-क्षेत्र के भागलपुर क्षेत्र में मतदाताओं (अनुसूचित जाति) की संख्या 71000 है। इसलिए यदि पूर्णिमा-सह-भागलपुर निर्वाचन-क्षेत्र में भागलपुर के समस्त क्षेत्र को दरभंगा-सह-भागलपुर निर्वाचन-क्षेत्र के साथ मिला दिया जाए, तो एक बहुसदस्यीय निर्वाचन-क्षेत्र बनाया जा सकता है। यहां यह कहना अनुचित नहीं होगा कि अनुपूरक सूची संख्या 2 के संशोधन 1 मे एक छपाई की गलती है, जिसमें स्तम्भ 3 में इसे फ्2य् दिखाया गया है जबकि स्तम्भ 4 में इसे शून्य दिखाया गया है। अतः स्तम्भ 4 में फ्1य् दिखाया जाना चाहिए।
ऽश्री पी.जी. सेनः श्रीमन्, मैं आपसे यह निवेदन करना चाहता हूँ कि यही एक ऐसा सदन है जहां कुछ न्याय मांगा जा सकता है।
माननीय अध्यक्षः शांति, शांति, मैं माननीय सदस्य को बता दूँ कि सभा अवश्य न्याय करेगी परन्तु जो आप चाहते हैं वही आपको मिल जाये तो न्याय हो गया, यह जरूरी नहीं। ऐसा आपकी दृष्टि में हो सकता है। परन्तु आपको इस बात को दूसरे ऐसे लोगों पर छोड़ देना चाहिए जो किसी के साथ अन्याय करने में कोई रुचि नहीं रखते।
ऽसं. वा., खंड 13, भाग II, 9 जून, 1951, पृष्ठ 10521