33. संविधान (प्रथम संशोधन) विधेयक - Page 361

346 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अनुपूरक सूची संख्या 1, श्री शंकर राव देव तथा अन्यों के संशोधन संख्या 1 से 8

वे पूर्णतः पारिणामिक संशोधन हैं।

सूची संख्या 2, श्री निलिंगप्पा और श्री मुनावली का संशोधन संख्या 2, इस उपांतर के अधीन कि दक्षिण सतारा के सामने प्रविष्टि में फ्मद (15)य् के स्थान पर शब्द फ्मद (57)य् प्रतिस्थापित किये जायें।

फिर मैं निम्नलिखित स्वीकार करने का प्रस्ताव करता हूँ।

सूची संख्या 3 में, श्री देवागिरीकर और श्री कुम्भार को संशोधन संख्या 3, भाग (1) और (2) सूची संख्या 6 में, संशोधन संख्या 1 और 2, इस रूपभेद के अधीन कि कोल्हापुर-सह-सतारा प्रविष्टि के सामने स्तम्भ 2 में प्रविष्टि के आरम्भ में शब्द फ्सम्पूर्णय् को हटा दिया जाये।

सूची संख्या 7 में, श्री हिरे ओर श्री देवगिरिकर का संशोधन संख्या 2, भाग 2, फिर सूची संख्या 8 में, मैं संशोधन संख्या 1, 2, और 4 को वापस लेना चाहता हूँ, क्योंकि वे सूची संख्या 6 के संशोधन संख्या 2 के अंतर्गत आ चुके हैं।

फिर मैं निम्नलिखित भी स्वीकार करने का प्रस्ताव करता हूँः

सूची संख्या 8 में संशोधन संख्या 3 और 5 से 11

संशोधन संख्या 11 में, पृष्ठ 11 पर, मद (64) के अन्तर्गत, फ्महागौंडय् के स्थान पर फ्मामेवाडीय् प्रतिस्थापित किया जाये, जोकि एक मौखिक परिवर्तन है, चूंकि यह केवल नाम का ही परिवर्तन है और अन्त में फ्गजरगांवय् जोड़ा जाये।

मैं यह भी स्वीकार करता हूँः

सूची संख्या 10 में, श्री निजलिंगप्पा के संशोधन, 1, 2, और 3

माननीय अध्यक्षः उन्होंने जो सूची दी है उसमें केवल 2 और 3 का ही उल्लेख है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह गलती थी। मैं 1, 2, और 3 स्वीकार कर रहा हूँ।

श्री कुम्भार (बंबई)ः सूची संख्या 6 में संशोधन मेरे नाम से है। किन्तु मेरा नाम निकाल दिया गया है।

माननीय अध्यक्षः नाम वहां पर है और प्रस्ताव पेश किया जा चुका है। उसके संबंध में अब मतदान के अलावा और कुछ नहीं किया जा सकता। उन्हें अपने नाम के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिये। पर हम देखेंगे कि उनका नाम सही ढंग से आ जाये।