34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 395

380 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

यह है कि इस विधेयक की कोई आवश्यकता नहीं थी, जिसके कारण मैं आपको बता चुका हूँ। अब मैं अपना भाषण समाप्त करता हूँ।

श्री राम बहादुर (राजस्थान) ः माननीय सदस्य इतने परेशान क्यों हो रहे हैं? यह तो उनका पहला चुनावी भाषण है।

श्री चन्द्रिका राम (बिहार)ः अनुसूचित जातियों के बारे में मेरे माननीय मित्र श्री कपूर का भाषण सुनकर मुझे बड़ा अफसोस हुआ। इसमें सन्देह नहीं कि सदियों से समूचे देश में अनुसूचित जातियों की उपेक्षा होती रही है, परन्तु कई साल पहले जब से भारत सरकार ने केन्द्र शासित क्षेत्रों की जिम्मेदारी सम्भाली तो वहां पर स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई। अन्य राज्यों, अर्थात् भाग-क और भाग-ख राज्यों में, जैसा कि उन्हें संविधान में कहा गया है, विधानमंडल और अन्य निर्वाचित निकाय हैं, परन्तु केंद्र शासित क्षेत्रों में स्थानीय सलाहकार परिषद हैं जिनकी, अध्यक्षता मुख्य आयुक्त करते हैं और जिन्होंने कभी किसी की परवाह नहीं की। संविधान सभा में हमने मुख्य आयुक्तों को भी अनुच्छेद 341 में शामिल किए जाने के लिए एक संशोधन पेश किया था। अनुच्छेद 341 इस प्रकार हैःµ

फ्राष्ट्रपति, किसी राज्य के संबंध में वहां के राज्यपाल अथवा राजप्रमुख से परामर्श करने के पश्चात्, अधिसूचना द्वारा उन जातियों, मूलवंशों या जनजातियों, अथवा जातियों, मूल वंशों या जनजातियों के भागों या उनसे उपजातियों को विनिर्दिष्ट कर सकेगा, जिन्हें इस संविधान के प्रयोजनों के लिए उस राज्य के संबंध में अनुसूचित जातियां समझा जायेगा।य्

उस समय माननीय विधि मंत्री ने कहा था कि चूंकि ये भाग-क राज्य विधायी संविधान के अनुच्छेद 239 के अनुसार स्वयं राष्ट्रपति द्वारा शासित होते हैं, इसलिये मुख्य आयुक्तों को अनुच्छेद 341 में शामिल करने की कोई जरूरत नहीं है। सारी कठिनाई इस वजह से हुई और जब इस विधेयक का पुरःस्थापन की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि उस अनुच्छेद में मुख्य आयुक्त शामिल नहीं है और राष्ट्रपति भाग-ग राज्यों के लिए अधिसूचनाएं जारी करने के प्रयोजनार्थ किसी से परामर्श नहीं कर सकते।

श्री जे.आर. कपूरः मैंने तो यह कहा था कि अनुच्छेद 392 के अंतर्गत राष्ट्रपति अनुच्छेद 341 में, जिसके अंतर्गत भाग-ग राज्यों के संबंध में अनुसूचित जातियों के नाम आदि बताये जा सकते हैं, आवश्यक उपांतरण कर सकते हैं।

श्री चन्द्रिका रामः परन्तु कठिनाई यह है। यदि आप अनुच्छेद 341 का खंड (2) पढ़ें, तो आप इसमें यह पायेंगे कि अनुच्छेद 341 का खंड (4) इस प्रकार हैः

फ्(2) संसद विधि द्वारा, किसी जाति, मूलवंश या जनजाति को अथवा जाति, मूलवंश या जनजाति के भाग या इसकी जनजाति के खंड (1) के अधीन निकाली गई अधिसूचना