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जब संविधान को पढ़ने से मुझे पता चला कि उसमें अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की इस सदन और अन्य विधानमंडलों में प्रतिनिधित्व के लिए पहले ही उपबंध किया हुआ है। अनुच्छेद 330 इस संबंध में एकदम स्पष्ट है। अनुच्छेद 330 के
खंड 2 में कहा गया हैः
फ्खंड (1) के अधीन किसी राज्य में अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात, लोक सभा में उस राज्य को आबंटित स्थानों की कुल संख्या से यथानुपात वही होगा, जो उस राज्य की अनुसूचित जातियों की अथवा उस राज्य की या उस राज्य के भाग की अनुसूचित जनजातियों की, जिनके संबंध में स्थान इस प्रकार आरक्षित हैं, जनसंख्या का अनुपात उस राज्य की कुल जनसंख्या से है।य्
अतः मेरा निवेदन यह है कि यह उपबंध सभी राज्यों पर लागू होता है। यह केवल भाग -क राज्यों या भाग ख राज्यों या किसी राज्य विशेष पर ही लागू नहीं होता। सम्भवतः भ्रम अनुच्छेद 332 का उल्लेख करने के कारण उत्पन्न हो रहा है। अनुच्छेद 332 में राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के लिए उपबंध किया गया है। मेरे विचार में यह विधेयक संविधान के उपबंध की पुनरावृति है। यदि यह तर्क दिया जाता है कि लोक सभा में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के प्रतिनिधित्व के लिए संविधान के अनुच्छेद 330 में कोई उपबंध नहीं है, तो फिर मेरे विचार में कोई भी अन्य उपबंध नहीं है और यदि कोई भी अन्य उपबंध नहीं है, तो मेरे विचार में यह विधेयक भी सदन के समक्ष नहीं लाया जा सकता। अतः यह विधेयक या तो विधिविरुद्ध है या अनावश्यक है। यदि यह मान लिया जाता है कि कोई उपबंध है तो इस विधेयक को लाने की आवश्यकता नहीं है। इस दृष्टि से यह विधेयक अनावश्यक है। यदि संविधान में कोई उपबंध नहीं है, तो यह विधेयक अधिकारातीत है।
दूसरे, इस विधेयक में जिसके लिए उपबंध किया गया है। वह है किन्हीं जातियों की अनुसूचित जातियों और जनजातियों के रूप में घोषणा। इसके लिए भी अनुच्छेद 341 और 342 में उपबंध है।
अनुच्छेद 342 (2) के अनुसारः
फ्संसदीय विधि द्वारा, किसी जनजाति या जनजाति समुदाय को अथवा किसी जनजाति या जनजाति समुदाय के भाग या उसकी उपजाति को खंड (1) के अधीन निकाली गई अधिसूचना में विनिर्दिष्ट अनुसूचित जनजातियों की सूची में सम्मिलित कर सकेगी या उसमें से अपवर्जित कर सकेगी। किंतु जैसा ऊपर कहा गया है उसके सिवाय उक्त
खंड के अधीन निकाली गई अधिसूचना में किसी पश्चात्वर्ती अधिसूचना द्वारा परिवर्तन नहीं किया जाएगा।य्
मेरा निवेदन यह है कि यदि इस सभा को कोई फेरबदल करने का कोई अधिकार