414 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
ही नहीं हुआ कि क्या श्री कपूर स्वयं अपने तर्क पर विश्वास करते हैं।
श्री जे.आर. कपूर (उत्तर प्रदेश)ः आप कभी भी तथ्य में विश्वास नहीं करते।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे ऐसा लगता है कि उनका तर्क चल गया है और आज उसे कई सदस्यों ने सदन में दोहराया है।
(अध्यक्ष महोदय पीठासीन हुए।)
इसलिए मेरा यह कर्तव्य हो जाता है कि मैं इस सुझाव का खंडन करूं जो इस चर्चा के दौरान दिया गया है कि यह विधेयक अनावश्यक है। सदस्यों ने अनुच्छेद 330 का उल्लेख किया है, जिस पर उनका मुख्य तर्क आधारित है। यह सच है कि अनुच्छेद 330 में अनुसूचित जातियों के लोक सभा में आरक्षण का उल्लेख है। इस विधेयक में हम जिस बात पर विचार कर रहे हैं, वह कतिपय भाग-ग राज्यों में अनुसूचित जातियों के लिए लोक सभा में सीटों के आरक्षण के बारे में है। अतः इस अनुच्छेद का उल्लेख किया जाना संगत है। मुझे ऐसा लगता है कि जिन माननीय सदस्यों ने अनुच्छेद 330 का सहारा लिया है, वे यह बिल्कुल भूल गये हैं कि अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधित्व का आधार अनुसूचित जातियों के नामों का उल्लेख अथवा उनकी परिभाषा होनी चाहिए। जब तक हम यह नहीं जानेंगे कि अनुसूचित जातियां क्या हैं और उनकी कुल जनसंख्या कितनी है, तब तक उनके व्यावहारिक और वास्तविक प्रतिनिधित्व के लिए कोई उपबंध करना किसी के लिए भी बिल्कुल असम्भव होगा। अतः प्रश्न यह हैः क्या कोई ऐसा उपबंध है जिसके द्वारा संसद के अलावा किसी अन्य अधिकारी के लिए अनुसूचित जातियों की एक सूची तैयार करना सम्भव है ताकि हम मान सकें कि वे क्या हैं और उनकी जनसंख्या कितनी है? इस प्रयोजन के लिए अनुच्छेद 341 का उल्लेख करना आवश्यक है। अनुच्छेद 341 इस प्रकार हैः
फ्(1) राष्ट्रपति, किसी राज्य के संबंध में, वहां के राज्यपाल अथवा राजप्रमुख से परामर्श करने के पश्चात्, अधिसूचना द्वारा उन जातियों, मूलवंशों या जनजातियों अथवा जातियों, मूल वंशों का जनजातियों के भागों या उनमें के यूथों को विनिर्दिष्ट कर सकेगा, जिन्हें इस संविधान के प्रयोजनों के लिए उस राज्य के संबंध में अनुसूचित जातियां समझा जायेगा।य्
अनुच्छेद 342 में भी, जो अनुसूचित जनजातियों के संबंध में है, इसी प्रकार का उपबंध है। अनुच्छेद 341 के उप-खंड (2) में और अनुच्छेद 342 के उप-खंड (2) में एक परन्तुक है जो राष्ट्रपति को, एक बार आदेश देने के बाद, उसमें उपांतर करने से रोकता है। आदेश में उपांतर करने की शक्ति संसद में निहित है। अनुच्छेद 341 और अनुच्छेद 342 के शब्दों को ध्यान से पढ़ना बहुत जरूरी है। इसमें कोई संदेह नहीं कि राष्ट्रपति को अधिसूचना जारी करने का अधिकार है। परन्तु अधिसूचा जारी करने के उसके अधिकार से एक बहुत महत्वपूर्ण शर्त जुड़ी है। वह शर्त यह है कि वह इसे राज्य