34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 468

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प्रकाशित करेंगे तथा तब तक प्रतीक्षा करेंगे जब तक कि सब निर्वाचन-क्षेत्रों में गणना पूरी न हो जाये और सारे परिणामों की घोषणा समेकित रूप में एक साथ गजट के एक अंक में की जाये।

सेठ गोविन्द दासः उसका क्या लाभ होगा? क्या यह विभिन्न समाचार-पत्रों में प्रकाशित नहीं होगा। (व्यवधान)

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं उनकी विसम्मत टिप्पणी ठीक तरह समझना चाहता हूँ। मुझे लगता है कि उनका तर्क यह है और इसमें दम भी है, कि लोग भेड़-चाल की प्रवृत्ति से प्रभावित हो जाते हैं। यदि एक निर्वाचन-क्षेत्र ने लोगों ने अमुक प्रकार से मत दिया है, तो अन्य लोग अपने निर्वाचन क्षेत्र में भी वही करना चाहेंगे। यह एक मनोवैज्ञानिक मुद्दा है। श्री दास का विचार था कि यदि एक निर्वाचन-क्षेत्र का परिणाम घोषित कर दिया गया, जो किसी भी दल के विरुद्ध जाता है, तो दूसरे निर्वाचन-क्षेत्र वाले भी यह कह सकते हैं कि फ्हमारे पड़ोसियों ने अमुक प्रकार से मतदान किया है, हम दूसरी तरह का परीक्षण क्यों करें? हम भी उसी प्रकार मतदान करें।य्

सेठ गोविन्द दासः जब गिनती उम्मीदवार की उपस्थिति में होगी, तो परिणाम समाचार-पत्रों को मालूम हो जायेंगे। आप परिणामों को रोक कर कैसे रख सकेंगे?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हां, यह सम्भव नहीं है। जैसा मैंने कहा, कोई भी निर्वाचन कानून इतना परिपूर्ण नहीं हो सकता कि उसमें कोई त्रुटि न निकाली जाये या उसका कोई दुरुपयोग न किया जा सके। अनेक प्रकार की कमियां बनी रहेंगी।

श्री सारंगधर दास (उड़ीसा)ः मैंने विसम्मत-टिप्पणी लगायी थी और एक संशोधन भी दिया है, क्योंकि कुछ राज्यों में साधारण निर्वाचन होने की सम्भावना है जब कि कुछ अन्य राज्यों में मतदाता-सूचियां तैयार नहीं हैं और वे राज्य चाहेंगे कि वहां निर्वाचन बाद में हों। इसीलिए मैं चाहता हूँ कि पहले कुछ निर्वाचनों के परिणाम तब तक के लिए रोक रखे जाएं, तब तक कि बाद के निर्वाचन समाप्त न हो जायें तथा सब परिणामों को एक साथ घोषित किया जाये।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं माननीय सदस्य का दृष्टिकोण समझने का प्रयत्न कर रहा था क्योंकि उनकी विसंम्मत-टिप्पणी बहुत संक्षेप में हैं। निस्संदेह, इस बात पर विचार करना होगा, क्योंकि उन्होंने तो मत व्यक्त किया है उसमें कुछ वजन है।

माननीय उपाध्यक्षः इसका प्रभाव किसी एक निर्वाचन पर नहीं पड़ता।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः नहीं पड़ता। मैं केवल मतगणना और घोषणा के बीच अंतर कर रहा हूँ, जो वास्तव में एक महत्वपूर्ण बात है।