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माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उस पर मैं अलग से आ रहा हूँ। मैं हर बिन्दु को अलग-अलग ले रहा हूँ। पहले हम राजनीति सभाओं और भाषणों को लें। मैं समझता हूँ कि सब सहमत होंगे कि राजनीतिक सभाओं और राजनीतिक भाषणों को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ये सभाएं और भाषण, किसी उम्मीदवार का नाम लिए बिना, अपने दल के हितवर्द्धन के लिए हो सकते हैं। अनुदार दल आकर कह सकता है कि फ्हम निजी सम्पत्ति में विश्वास करते हैं, हम औद्योगिक स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं,य् इत्यादि। दूसरी ओर किसी विशिष्ट उम्मीदवार के समर्थन में राजनीतिक सभाएं या राजनीतिक भाषण हो सकते हैं। जहां तक न्यायिक निर्णयों का संबंध है, ऐसी राजनीतिक सभाओं तथा राजनीतिक भाषणों पर किया गया व्यय, जो किसी व्यक्ति विशेष की उम्मींदवारी के समर्थन में नहीं किया गया है, निर्वाचन-व्यय का भाग नहीं है। इसलिए, कोई भी राजनीतिक दल किसी भी निर्वाचन-क्षेत्र में जाने, सभाएं और भाषण आयोजित करने, अपने सिद्धांतों और निष्ठाओं को प्रतिपादित करने के लिए स्वतंत्र है, बशर्ते कि किसी के नाम का उल्लेख न किया जायें। दूसरी ओर, एक ऐसी सभा आयोजित की जा सकती है, जिसकी मंशा किसी विशिष्ट उम्मीदवार के पक्ष में मतदाताओं का समर्थन जुटाना हो। यह व्यय स्पष्ट रूप से निर्वाचन व्यय का भाग होगा। मैंने आपके सम्मुख वह रेखा प्रस्तुत कर दी है, जो उस व्यय के बीच जो निर्वाचन-व्यय का भाग है और जो निर्वाचन-व्यय का भाग नहीं है। खींची जानी चाहिए।
सेठ गोविंद दासः यह बहुत द्विविधापूर्ण है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हां, यह बहुत द्विविधापूर्ण है। आप एक सीधी लाइन चाहते हैं, परन्तु यह सम्भव नहीं है।
अब दूसरा बिन्दु लीजिए। उदाहरणार्थ पुस्तिकाओं, पैम्फलेटों, पोस्टरों इत्यादि की बात। ऐसी पुस्तिकाएं, पैम्फलेट, पोस्टर आदि जो किसी दल के सिद्धांतों का प्रतिपादन करते हैं, निर्वाचन-व्यय का भाग नहीं हैं और किसी उम्मीदवार को वह व्यय अपने निर्वाचन-व्यय के विवरण में दिखाने की आवश्यकता नहीं है। दूसरी ओर, यदि कोई पुस्तिका निकाली जाती है, जिसमें कहा गया हो कि फ्श्री अमुक के पक्ष में 20 सूत्र-उनका चुनाव क्योंय् अथवा यदि कोई पोस्टर निकाला जाता है जिसमें उम्मीदवार की फोटो छपी हो और उसके नीचे उसकी प्रशंसा की गयी हो तथा मतदाताओं से उसे चुनने की सिफारिश की गई हो, तो निश्चित रूप से यह उसका चुनाव में समर्थन और संवर्द्धन है और इस पर किया गया व्यय निर्वाचन-व्यय के विवरण में दिखाया जाना चाहिए।
मैं ग्रेट ब्रिटेन में निर्वाचन याचिकाओं पर विभिन्न ट्रिब्यूनलों द्वारा दिए गये परिणामों की बात कर रहा हूँ। उपरोक्त भेद उन्होंने किया है। कोई बात जिससे किसी उम्मीदवार विशेष की निर्वाचन संभावना नहीं बढ़ती, निर्वाचन-व्यय का भाग नहीं है और इसलिए किसी को भी ऐसा व्यय करने की स्वतंतत्रता है, चाहे वह कोई राजनीतिक दल हो या