34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 486

471

ऽश्री पी.वाई. देशपाण्डेः ........तथ्य यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को मत देने तथा उम्मीदवार के रूप में खड़े होने का हक है। संविधान में परिवर्तन किए बिना किसी व्यक्ति को उम्मीदवार के रूप में खड़े होने से रोकने का अब हमें कोई अधिकार नहीं है। चाहे कोई राजा हो या भूतपूर्व राजा, यदि लोग उसे चाहते हैं तो उसे निर्वाचित करने का उन्हें अधिकार है। प्रत्येक व्यक्ति को यह अधिकार दिए जाने के बाद, अब उससे मुकरने का हमें कोई कारण प्रतीत नहीं होता। जनता यदि चोरबाज़रियों के मुखियाओं को भी चुने, समाज में इस तरह के लोग हैं, तो यह उनका फैसला हैµसही या गलत, अच्छा या बुरा। यदि आप उस फैसले को प्रतिबंधित करना चाहते हैं, तो पहले संविधान को बदलिए, और तभी आप कोई प्रतिबंध लगा सकते हैं।

पं. ठाकुर दास भार्गवः संविधान ने इस सदन को अर्हताएं निर्धारित करने का अधिकार दिया है।

श्री पी.वाई. देशपांडेः अभी तक आपने यह काम नहीं किया है।

माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः अब हम यह कर रहे हैं।

माननीय उपाध्यक्षः जो लोग दो वर्ष से अधिक का कारावास भोग चुके हैं, उन्हें अनर्ह करने का क्या औचित्य है?

श्री पी.वाई. देशपांडेः आपका कहना ठीक है। मैं तो एक अपराधी को भी उम्मीदवार के रूप में खड़े होने की अनुमति दिए जाने के पक्ष में हूँ। यदि मूलतः आपने यह स्थिति अपनायी है कि प्रत्येक वयस्क को मत देने और उम्मीदवार के रूप में खड़े होने का अधिकार है, यदि लोकतंत्र की आपकी यही धारणा है, तो यदि कोई अपराधी

खड़े होने का साहस करे तो खड़ा हो_ लोग यदि उसे नहीं चाहते तो उसे हरा देंगे। यदि कोई राजा खड़ा होना चाहता है, और लोग उसे नहीं चाहते, तो उसे हरा देंगे। इन लोगों को हराने का अधिकार जनता को है।

ऽऽश्री घुलेः ..........इस देश में छोटे और बड़े निर्वाचन हुए हैं, परन्तु राजनीतिक सिद्धांतों का प्रतिपादन करने के लिए की गयी सभा और किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत प्रचार के लिए की गयी सभा के बीच अन्तर करना कठिन है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं माननीय सदस्य को सूचित कर दूं कि खंड 124 में कोई नई बात नहीं है। यह विद्यमान नियमों की हू-ब-हू प्रतिलिपि है। ‘भ्रष्ट आचरण तथा निर्वाचन आचरण आदेश’ की प्रथम अनुसूची के भाग 3 में उन्हें यह मिलेगा। यह 1919 से मौजूद है।

ऽसं. वा., खंड 11, भाग II, 10 मई, 1951, पृष्ठ 8491

ऽऽसं. वा., खंड-11, भाग II, 11 मई, 1951, पृष्ठ 8534