488 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
श्री नजीरुद्दीन अहमदः हमें पहले से ही यह जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए कि कौन-से खंड लिए जाएँगे। इस स्थिति में ही हम उन पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
माननीय उपाध्यक्षः मैं माननीय मंत्री जी से कह दूँगा कि वे प्रत्येक दिन के प्रारंभ में ही यह बता दिया करें कि कौन-से खंड वे स्थगित करना चाहते हैं।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेकरः मुझसे यह आशा नहीं की जानी चाहिए कि मैं
खंड 7 और संभवतः खंड 9 के अलावा कोई अन्य खंड क्रम तोड़कर लेने को मजबूर होऊँगा। शेष सभी खंडों को मैं उनके क्रम के अनुसार ही लेने के लिए पूरी तरह हूँ।
श्री झुनझुनवाला (बिहार)ः वे कब लिए जाएँगे?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं सभी संशोधनों को आज शाम परिचालित कर दूँगा। यदि माननीय सदस्य उन पर कल विचार करना चाहें, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन यदि वे उनके लिए कुछ समय चाहते हैं, तो मैं उन्हें बाद में ले लूँगा। किसी भी स्थिति में मैं उन्हें लंबे समय तक लटकाना नहीं चहाता। मैं खंड 7 के अपने संशोधन पर विचार करने के लिए, सदस्यों को एक दिन का समय देने को तैयार हूँ।
माननीय उपाध्यक्षः मैं समझता हूँ कि उसे सुविधापूर्वक परसों लिया जा सकता है, क्योंकि जैसा माननीय मंत्री जी ने कहा, सदस्यों को उसका अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय जाए, तो कार्यालय उन्हें पारिचालित कर देगा और माननीय सदस्य उन पर तैयारी करके आ सकते हैं।
खंड 8 विधेयक में जोड़ा गया।
खंड 9 (निर्वाचक की सदस्ता की निरर्हता)
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इसे स्थगित करना चाहता हूँ।
माननीय उपाध्यक्षः खंड 9 भी स्थगित किया गया।
खंड 10 (राज्यों की विधान-परिषद के चुनाव)
श्री नजीरुद्दीन अहमदः मैं प्रस्तुत करने की अनुमति चाहता हूँः
खंड 10 के शीर्षक में, फ्अध्याय 1य् शब्द और रोमन अक्षर के स्थान पर शब्द और रोमन अक्षर फ्अध्याय V य् लिखा जाए।
कारण यह है कि इस विधेयक में, अन्य अधिनियमों के विपरीत, प्रत्येक भाग में अलग अध्याय संख्या दी गई है। इसमें संदर्भ का उल्लेख करने में असुविधा होगी। उदाहरणार्थ, जब हम एक अध्याय का संदर्भ देंगे, तो हम कहेंगे-अमुक का भाग अमुक