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माननीय उपाध्यक्षः तब माननीय सदस्य को किसी खराब प्रारुप से संतुष्ट हो जाना चाहिए।
श्री नजीरुद्दीन अहमदः हम इसके पहले ही आदी हो चुके हैं।
माननीय उपाध्यक्षः लेकिन इससे किसी परिवर्तन की जरूरत नहीं र्पतित होती। अतः संशोधन सं. 222 का प्रस्ताव नहीं किया जा रहा है। अब मैं संशोधन सं. 224 का प्रस्ताव करूँगा। और स.ं 225 की क्या स्थिति है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे कोई आपत्ति नहीं है। उसे प्रस्ताविक कर सकते हैं।
माननीय अध्यक्षः सं. 228 की क्या स्थिति है?
श्री नजीरुद्दीन अहमदः उसे मैं प्रस्तुत करूँगा?
माननीय उपाध्यक्षः सं. 229 कार्यान्वित होने वाला है। उसके बाद हम सं. 231 पर आएँगे।
श्री नजीरुद्दीन अहमदः यह एक महत्वपूर्ण संशोधन है और इसे मैं प्रस्तुत करूँगा।
माननीय उपाध्यक्षः संशोधन सं. 224 के प्रस्तुतकर्ता सदस्य अनुपस्थित हैं। क्या इसे मैं स्थगन की अनुमति दे दूँ? इसके बारे में माननीय मंत्री जी की क्या राय है, क्योंकि माननीय सदस्य इसके बारे में उनसे चर्चा कर रहे थे?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे नहीं लगता कि इस संशोधन को रखना जरूरी है।
संशोधन किया गयाः
खंड 10 के उप-खंड (1) के भाग (क) के अंतर्गत फ्उसके अंतर्गत आदेशोंय् के स्थान पर फ्उसके अंतर्गत दिए गए आदेशोंय् प्रतिस्थापित करें।
µश्री नजीरुद्दीन अहमद
माननीय उपाध्यक्षः अब हम संशोधन सं. 231 पर आते हैं, जो श्री नजीरुद्दीन अहमद के नाम पर अंकित है।
श्री जे.आर. कपूरः वह संशोधन क्रमानुसार नहीं है। उसे प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
माननीय उपाध्यक्षः मैं देख लूँगा।