34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 507

492 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्री जे.आर. कपूरः क्या मैं संविधान के अनुच्छेद 80 के उप-खंड (4) का उल्लेख कर सकता हूँ, जिसके अनुसार किसी विधानसभा के केवल निर्वाचित सदस्य ही राज्यों की विधान परिषद् के सदस्य निर्वाचित कर सकते हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उसमें कुछ आंग्ल-भारतीयों के लिए नामांकन की व्यवस्था भी है।

श्री जे.आर. कपूरः उसमें नामित सदस्य हो सकते हैं, किन्तु उन्हें चुनाव में भाग लेने का कोई अधिकार नहीं है। उसमें अनुच्छेद 30(4) है, जिसके अनुसार विधानसभा के केवल चुने हुए सदस्य ही राज्यों की विधान परिषद के सदस्यों के चुनाव में भाग ले सकते हैं।

माननीय उपाध्यक्षः मुझे डर है यह क्रमानुसार नहीं है।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मेरा संशोधन क्रमानुसार नहीं है, न कि मैं।

माननीय उपाध्यक्षः ठीक है। यह संशोधन क्रमानुसार नहीं है, इसलिए इसे प्रस्तुत कने की अनुमति नहीं है।

श्री जे.आर. कपूरः लेकिन हम यहाँ माननीय सदस्य को उसके संशोधन के साथ पहचानने के लिए आए हैं।

माननीय उपाध्यक्षः प्रश्न हैः

फ्कि यथासंशोधित खंड 10, विधेयक का भाग बन गया।य्

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

खंड 11 (निर्वाचकमंडल के गठन के लिए अधिसूचना)

माननीय उपाध्यक्षः संशोधन सं. 238ः मेरा ख्याल है कि प्रारूपकार इसे देख लगा। संशोधन सं. 239_ मैं समझता हूँ, इसमें जो मुद्रण की गलती है, उसे प्रारुपकार ठीक कर देगा।

श्री जे.आर. कपूरः इसे शुद्धिपत्र में पहले ही ठीक कर दिया गया है।

माननीय उपाध्यक्षः शुद्धि-पर्ची में ऐसा कुछ भी नहीं है। इस तरह का कार्य सदन से बाहर क्यों किया गया? यह मुद्रक की गलती है। मैं अपने कार्यालय से कहूँगा कि इसे नोट करे और माननीय मंत्री जी भी इसे नोट कर लें, ताकि भविष्य में इस पर उचित ध्यान दिया जा सके।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इस बारे में कोई शुद्धिपत्र नहीं है। इसलिए उचित होगा कि हम संशोधन स्वीकार कर लें।