494 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
श्री नजीरुद्दीन अहमदः हमें केवल मशीनरी की व्यवस्था करनी चाहिए। हमें उसका प्रयोजन नहीं बताना चाहिए।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इन शब्दों से कोई हानि नहीं होगी।
माननीय उपाध्यक्षः मैं माननीय सदस्य को इस संशोधन को प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दे रहा हूँ। यह आवश्यक नहीं है।
डॉ. देशमुखः महोदय, मैं कुछ कहना चाहता हूँ।
माननीय उपाध्यक्षः माननीय सदस्य हमेशा देर कर देते हैं। बताइए, अब वे क्या कहना चाहते हैंः
डॉ. देशमुखः महोदय, मैंने खंड 15 में एक संशोधन का नोटिस दिया है। पर इस समय मुझे लगता है कि वह अभी प्रासंगिक है। इसमें कहीं पर कुछ ऐसी व्यवस्था हो जानी चाहिए कि केंद्रीय संसद और राज्यों की विधानसभाओं के पहले आम चुनाव एक साथ और एक ही दिन संपन्न किए जा सकें।
माननीय उपाध्यक्षः इससे खर्च में भी बचत होगी। लेकिन बाद में, अलग-अलग समय पर उप-चुनाव हो सकते हैं, क्योंकि कुछ सदन, दूसरों से पहले भंग हो सकते हैं या और कुछ हो सकता है। अतः मेरे विचार से इस तरह का संशोधन आवश्यक नहीं है।
प्रश्न हैः
फ्कि खंड 12, विधेयक का भाग है।य्
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
खंड 12, विधेयक में जोड़ा गया।
खंड 13, विधेयक में जोड़ा गया।
ऽमाननीय उपाध्यक्षः हमें माननीय मंत्री को सुनना चाहिए।
चौ. रणबीर सिंह (पंजाब)ः महोदय, अब तक किसी ने भी संशोधन के समर्थन में नहीं बोला है, और पंडित ठाकुर दास भार्गव के अलावा जिसने भी बोला है, संशोधन के विरोध में ही बोला है। अतः मैं निवेदन करूँगा कि किसी ऐसे व्यक्ति को अवसर दें, जो संशोधन का समर्थन करना चाहे।
ऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 15 मई, 1951, पृष्ठ 8755-57