34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 524

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प्रो. रंगा (मद्रास)ः क्या मैं भी एक स्पष्टीकरण माँग सकता हूँ? कई ऐसे लोग होते हैं जो स्थानीय निकायों में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या फिर मंत्री और उपमंत्री होते हैं। वे जिन निर्वाचन-क्षेत्रों के उम्मीदवार बनते हैं, उनमें उनके अनेक अधीनस्थ कर्मचारी भी होते हैं। तब क्या यह चुनाव अधिकारी के अधिकार में होगा कि वह ऐसे कर्मचारियों को, जो सीधे उनके नियंत्रण में हैं, इस उपबंध के अनुसार मतदान अधिकारी नियुक्त कर दें।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे नहीं लगता कि जहाँ तक इस उपबंध का संबंध है, इसमें कोई कठिनाई उत्पन्न होगी। इसमें यही कहा गया है कि कोई व्यक्ति, जो उम्मीदवार द्वारा चुनाव के संबंध में नियुक्त किया गया है, मतदान अधिकारी के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा। यदि वह कर्मचारी स्थानीय जिला निकाय या नगरपालिका की सेवा में है और उम्मीदवार द्वारा नियुक्त नहीं है, तो उसे मतदान अधिकारी नियुक्त किया जा सकता है।

माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः मैं नहीं समझता कि यह संशोधन जरूरी है। कारण है कि चुनाव अधिकारी, एक सरकारी अधिकारी होता है और यदि यह कर्तव्य-पालन में कोई गलती करता है, तो सरकारी कर्मचारियों के आचरण के नियमों या दुराचरण के कानून के अनुसार उसके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।

प्रो. रंगाः या फिर इस अधिनियम के अधीन विरचित नियमों के अनुसार?

माननीय उपाध्यक्षः क्या माननीय सदस्य यह चाहते हैं कि मैं इस संशोधन को सदन में प्रस्तुत करूँ?

श्री एस.एन. दसः नहीं, श्रीमन्।

खंड 28 (नामांकन की तिथियों का नियतन)

माननीय अध्यक्षः मैं मुद्रित सूची ले रहा हूँ। मास्टर नंद लाल अनुपस्थित हैं। श्री बी.के. दास?

श्री बी.के. दासः श्रीमन्, मैं प्रस्तुत नहीं कर रहा।

श्री एम.बी. रामाराव (मैसूर)ः श्रीमन्, मैं प्रस्तुत नहीं कर रहा।

माननीय उपाध्यक्षः पूरक सूची सं. 1 में खंड 28 के लिए अनेक संशोधन दिए गए हैं। मैं सोचता हूँ कि यहाँ उपस्थित सभी माननीय सदस्यों के सभी संशोधन प्रस्तुत कर दूँ। तब भी यदि कोई सदस्य छूट जाए, तो वह खड़ा होकर बता दें। तदनुसार, पूरक सूची सं. 1 मैं संशोधन सं. 76? श्री नजीरुद्दीन अहमद?

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मैं प्रस्तुत नहीं कर रहा।