34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 532

517

यह प्रक्रिया श्रमसाध्य या मुश्किल भरी हो सकती है, लेकिन मुझे लगता है कि यह उससे बेहतर होगी, जिसके अनुसार कुछ कमियों के कारण कोई बाहरी व्यक्ति आकर आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ने लगे।

माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः

फ्कि यथासंशोधित खंड 31 विधयेक का भाग है।य्

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

खंड 31, यथासंशोधित, विधेयक में जोड़ा गया।

माननीय अध्यक्षः क्या माननीय सदस्य चाहते हैं कि मैं उनका संशोधन सदन के समक्ष प्रस्तुत करूँ?

चौ. रणवीर सिंहः मैं इस पर माननीय मंत्री जी की प्रतिक्रिया जानना चाहता हूँ।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे यह स्वीकार्य नहीं है।

चौ. रणवीर सिंहः तब मैं इसे वापस लेने की अनुमति चाहता हूँ।

संशोधन सानुमति वापस लिया गया। खंड 32, यथासंशोधित, विधेयक में जोड़ा गया।

खंड 33 विधेयक में जोड़ा गया।

खंड 34 (नामांकनों की जाँच)

ऽश्री श्यामनंदन सहायः मेरे पास इस खंड के लिए एक संशोधन है। यह पूरक सूची सं. 3 में सं. 22 है। मैं इसे प्रस्तुत करना चाहता हूँः

खंड 34 के उप-खंड (2) के फ्इंकारय् शब्द के स्थान पर फ्अस्वीकारय् शब्द प्रतिस्थापित करें।

माननीय अध्यक्षः संशोधन प्रस्तुत है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे इसकी जानकारी नहीं है। यह प्रारूपकार का विषय है। मेरे माननीय मित्र देखेंगे कि प्रारूपकार ने ‘इंकार’ शब्द का प्रयोग नामांकन के लिए किया है और ‘अस्वीकार’ का नामांकन-पत्र के लिए।

वह दोनों में अंतर रख रहा है और मुझे लगता है उसका यह अंतर, खंडों में आद्योपांत किया गया है।

ऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 19 मई, 1951, पृष्ठ 9156-57