34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 538

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माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे यह स्वीकार्य नहीं है।

ऽमाननीय उपाध्यक्षः मैं अब उस खंड को प्रस्तुत करूंगा।

श्री मीरनः मैं इस खंड के दो संशोधनों को रखूँगा। वे पूरक सूची की संख्या 343 तथा 349 के हैं।

माननीय उपाध्यक्षः क्या मैं जान सकता हूँ कि माननीय मंत्री जी इसे स्वीकार करेंगे?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं किसी संशोधन को स्वीकार नहीं करूँगा।

श्री शिवचरण लालः मेरे पास पूरक सूची सं. 1 का संशोधन सं. 99 है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इसे स्वीकार नहीं कर रहा हूँ।

श्री शिवचरण लालः वह अपील के बारे में है। नामांकन-पत्र के बारे में कोई अपील हो, तो उसके बारे में अंतिम निर्णय कर लेना चाहिए। उसे बाद की किसी चुनाव से संबंधित याचिका का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह विषय विचाराधीन है। इस पर हम बाद में आएँगे।

माननीय उपाध्यक्षः प्रश्न हैः

फ्कि खंड 34, यथासंशोधित, विधेयक का भाग बन गया है।य्

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

खंड 34 यथासंशोधित, विधेयक में जोड़ा गया।

इसके वाद सदन, सोमवार, 21 मार्च, 1951 के साढ़े आठ बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

खंड 35

ऽमाननीय उपाध्यक्षः संशोधन प्रस्तुत हैः

खंड 35 के उप-खंड (1) में फ्और निर्वाचन अधिकारी को, या तो उस उम्मीदवार द्वारा व्यक्तिशः या उसके प्रस्तावक या समर्थक द्वारा धारा 28 के खंड (ग) के अंतर्गत निश्चित दिन अपराह्न तीन बजे से पहले दिए गए फ्के शब्दों, कोष्ठकों, अक्षरों तथा अंकों के स्थान पर निम्न प्रतिस्थापित किया जाए।

ऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 19 मई, 1951, पृष्ठ 9168-69