524 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
फ्और निर्वाचन अधिकारी को, धारा 28 के खंड (ग) के अंतर्गत नियत दिन अपराह्न तीन बजे से पहले, या तो उस उम्मीदवार द्वारा व्यक्तिः या उसके प्रस्तावक, समर्थक या उस उम्मीदवार के लिखित रूप में प्राधिकृत निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा, दिए गए।य्
श्री शिवचरण लाल (उत्तर प्रदेश)ः मेरा सुझाव है कि फ्प्राधिकृतय् शब्द से पहले, फ्विधिवत्य् शब्द जोड़ दिया जाए, ताकि संशोधन का अर्थ और ज्यादा स्पष्ट हो जाए।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे कोई आपत्ति नहीं है।
माननीय उपाध्यक्षः अध्यक्ष को कुछ भी जोड़ने पर कोई आपत्ति नहीं होगी। लेकिन यहाँ पर फ्लिखित रूप से प्राधिकृतय् पहले ही मौजूद है। अतः फ्विधिवत्य् शब्द जोड़ने से संदेह हो सकता है कि और भी कुछ जरूरी होगा।
डॉ. अम्बेडकरः मैं सहमत हूँ। हमें अधिक संक्षेप में उल्लेख नहीं करना चाहिए।
माननीय अध्यक्षः इसलिए मैं संशोधन यथावत् को प्रस्तुत करता हूँ।
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
पंडित ठाकुर दास भार्गवः पूरक सूची सं. 1 में श्री जस्पत राय कपूर सं. 102 के नाम से एक संशोधन है।
माननीय अध्यक्षः किन्तु क्या वे यहां हैं?
पंडित ठाकुर दास भार्गवः नहीं, किन्तु यदि आप मुझे अनुमति दें, तो मैं इसे प्रस्तुत करना चाहता हूँ।
माननीय अध्यक्षः क्या यह सहमत संशोधन है?
डॉ. अम्बेडकरः हाँ। यह इन शब्दों फ्या उसी निर्वाचन-क्षेत्र में उसी निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी के रूप में पुनः नामित किया जाएय् को निकालने के लिए है।
माननीय अध्यक्षः मैं इसकी अनुमति देता हूँ।
आगे संशोधन किया गयाः
खंड 35 के उप-खंड (2) में, अंत के फ्नोटिस रद्द करनेय् शब्दों के पश्चात् आने वाले सभी शब्दों को हटा दें।
µ¹पंडित ठाकुर दास भार्गवह्
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः