526 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
आगे संशोधन किया गयाः
खंड 37 के उप-खंड (4) के प्रथम परंतुक के स्थान पर निम्नलिखित रखेंः
परंतु कोई व्यक्ति, जो किसी ऐसे निर्वाचन में मत देने का हकदार है जैसा उपधारा (1) में निर्दिष्ट है, निर्वाचन में उतने ही नामांकन पत्रों में प्रस्तावक या अनुमोदक के रूप में समर्थन करने के लिए अर्ह होगा, जितनी रिक्तियां भरी जानी हैं किन्तु उनसे अधिक नहीं।य्
µ¹डॉ. अम्बेडकरह्
आगे संशोधन किया गयाः
खंड 37 के उप-खंड (4) के द्वितीय परंतुक के भाग (क) में, फ्उस सदन के सदस्यों की सूची के प्रतिनिर्देश से, किसी राज्य के विधानसभा के सदस्यों द्वाराय् शब्दों के स्थान पर निम्नलिखित शब्द रखेंः
फ्उस सदन के यथास्थिति निर्वाचित सदस्यों की सूची या सदस्यों की सूची के प्रतिनिर्देश से किसी राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा या सदस्यों द्वाराय्
µ¹डॉ. अम्बेडकरह्
श्री धुले (मध्य भारत)ः मैंने अपने नाम से संशोधन सं. 28 प्रस्तुत किया है। मैं इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहता, बल्कि इस पर बोलना चाहता हूँ।
वर्तमान खंड के अनुसार किसी अभ्यर्थी को प्रांतीय सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के पांच दिनों के भीतर अपना नामांकन फाइल करना चाहिए। मैं सोचता हूँ कि 5 दिन की अवधि ऐसे व्यक्ति के लिए, ऐसा गजट जिसमें अधिसूचना जारी की गई है, प्राप्त करने और अपना नामांकन ऐसे स्थान, जहां निर्वाचन होगा, अपर्याप्त है जो प्रांत के दूरस्थ किनारे पर रह रहा है। खंड 31 में संसद के निचले सदन के निर्वाचनों के उपबंध के अनुसार, इस खंड में भी वैसा ही उपबंध किया जाना चाहिए, अर्थात् यह कि 8वें दिन के पूर्व नामांकन फाइल किया जाना आपेक्षित नहीं होगा।
माननीय अध्यक्षः वाक्यांश फ्पांचवें दिन से पूर्व नहींय् है।
श्री धुलेः यह पांचवें दिन जारी किया जाए और यह अवधि अपर्याप्त है। भारत में संसूचनाओं की वर्तमान परिस्थिति में किसी व्यक्ति को अधिसूचना की सूचना पाने में कम से कम 3 दिन की अपेक्षा होती है और कम से कम तीन दिन की अपेक्षा नामांकन पत्र भेजने के लिए भी होगी। इस दृष्टिकोण से मैं यह सोचता हूँ कि इस खंड में निर्दिष्ट 5 दिन की न्यूनतम अवधि अपर्याप्त है। अतः इसके बजाए 8 दिनों का सुझाव देता हूँ।