34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 544

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प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

खंड 44 (मतदान अभिकर्ता)µजारी

माननीय अध्यक्षः अब हम खंड 44 पर आते हैं।

पंडित ठाकुर दास भार्गवः मैं प्रस्ताव लाना चाहता हूँः

खंड 44 में फ्तीन दिनोंय् शब्दों के स्थान पर फ्एक दिनय् रखें।

श्रीमन्, अब चूँकि हमने खंड 45 निकाल दिया है, इसलिए, संवीक्षा के कार्य के लिए 3 दिनों की आवश्यकता नहीं है। तब यही पर्याप्त है कि चुनाव अधिकारी को एक दिन पहले नाम मिल जाए। अतः मेरा सुझाव है कि फ्तीन दिनोंय् शब्दों के बजाय फ्एक दिनय् शब्द रख दिया जाए।

माननीय अध्यक्षः संशोधन प्रस्तुत हैः

खंड 44 में, फ्तीन दिनोंय् शब्दों के स्थान पर फ्एक दिनय् शब्द रखा जाता है।

डॉ. अम्बेडकरः अध्यक्ष महोदय, प्रथमदृष्ट्या यह प्रतीत होता है कि खंड 45 के उत्सादन को दृष्टिगत करते हुए, ‘एक दिन’ पर्याप्त होना चाहिए। किन्तु साफ तौर पर मुझे इस विषय पर निर्वाचन आयोग से चर्चा करने और उनका मत प्राप्त करने का अवसर नहीं मिला है कि इसे कोई कठिनाई पैदा होगी या नहीं। अतः, मैं सुझाव देता हूं कि जहां तक इस मुद्दे का संबंध है, अभी इस खंड को वैसा ही बना रहने दिया जाए, जैसा यह है। मैं इस पर उपयुक्त संशोधन सुझाते हुए बाद में लाऊंगा, यदि मुझे यह विश्वास हो जाता है कि एक दिन वस्तुतः बिल्कुल पर्याप्त है और अधिक दिन आवश्यक नहीं है। अतः मैं इस समय इसे नहीं हटाना चाहता।

माननीय अध्यक्षः इसका अर्थ यह है कि अभी इस खंड को छोड़ दिया जाए?

डॉ. अम्बेडकरः हाँ।

माननीय अध्यक्षः तब हम अन्य संशोधनों का निपटान करते हैं।

श्री रामलिंगम चेट्टियार (मद्रास)ः यह संशोधन छोड़ने के पहले मेरा यह सुझाव है कि मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति अल्प सूचना पर की जा सकती है। अतः व्यावहारिकता की दृष्टि से भी यहां ‘तीन दिन’ रखना असुविधाजनक हो सकता है। विधि मंत्री द्वारा इस मुद्दे पर भी विचार किया जा सकता है।

डॉ. अम्बेडकरः निश्चित ही, मैं ऐसा करूँगा।

अब मैं अपना संशोधन लाता हूँ। मैं लाने की अनुमति चाहता हूँः