34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 558

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व्यवस्था करना वांछनीय है, जहां वे कार्य कर रहे हैं, यद्यपि वह रजिस्ट्रीकरण उनका निर्वाचन-क्षेत्र नहीं है। लेकिन यह ऐसा विषय है जिस पर अलग से विचार किया जाना चाहिए, न कि डाक द्वारा मतपत्र भाग के अधीन।

फ्राजप्रमुखों, राज्यपालों और राष्ट्रपति के संबंध में, मैं नहीं सोचता कि इस तथ्य के सिवाय कि ये राज्य के कतिपय गणमान्य व्यक्ति हैं, डाक मतपत्र द्वारा उन्हें मतदान करने की अनुज्ञा देने का क्या विधिमान्य आधार है। किंतु मैं यह नहीं समझता कि निर्वाचन के विषय में विधि को कतई किसी ऐसे भेदभाव को मान्यता प्रदान करनी चाहिए।

एक माननीय सदस्यः हो सकता है वे अपने निर्वाचन-क्षेत्र से काफी दूर रह रहे हों।

डॉ. अम्बेडकरः मैं ऐसा नहीं सोचता। वे अपनी यात्राओं का प्रबंध इस तरह करें कि वे उचित समय पर अपने मुख्यालयों में हों। वह ज्यादा कठिन बात नहीं है।

श्री सिधवाः उनके पास उसके लिए सभी सुविधाएं है।

डॉ. अम्बेडकरः निरोधाधीन व्यक्तियों के संबध में, मैं सोचता हूं विधि का साधारण नियम यह है। सर्वप्रथम, जो कोई व्यक्ति नजरबंद है, उन अधिकारों का प्रयोग करने की स्थिति में नहीं है जो उसे दिए गए हैं। यह नियम ‘इंग्लिश ला’ के अधीन है। ‘इंग्लिश ला’ इस तथ्य के कारण उन लोगों में स्वयं को निर्वाचन विधि की परिधि से बाहर रखता है, और उन्हें मत देने के लिए कोई उपबंध नहीं करता जिन्हें ‘सिद्धदोष’ कहा जा सकता है।

श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः किन्तु यह निर्हरता इस मामले में लागू नहीं होगी।

डॉ. अम्बेडकरः मैं नहीं जानता। हमारी निर्हरता तब पैदा होगी, जब अवधि दो वर्ष है या यदि नजरबंदी अनिश्चित समय के लिए है। इसलिए मैं अभी सुझाए गए प्रस्ताव के लिए स्वयं कोई वादा नहीं करूंगा। मैं महसूस करता हूं कि हम वस्तुतः एक बहुत हितकर सिद्धांत को तोड़ रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति मत देने के अपने अधिकार का प्रयोग करना चाहता है, तो उसे विधि की परिधि के भीतर होना चाहिए न कि उसके बाहर। अतः उस आधार पर मैं निवारक निरोध के अधीन व्यक्तियों के संबंध में सुझाव स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हूँ।

जैसा कि मैंने कहा, मैं इस प्रश्न पर विचार करने के लिए तैयार हूं कि क्या किसी उम्मीदवार, उसके मतदान अभिकर्ता और अन्य अभिकर्ता जो उसके लिए कार्य कर रहे हैं जो उस विशिष्ट निर्वाचन-क्षेत्र में मतदाताओं के रूप में दर्ज नहीं है जिसमें वे उपस्थित हैं, आदि को इस तथ्य के होते हुए भी कि वे वहां दर्ज नहीं है, उस संसदीय क्षेत्र में ही मत देने की अनुज्ञा दी जानी चाहिए। किन्तु यह ऐसा विषय है, जो इस खंड के अधीन नहीं आ सकता है।