34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 559

544 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय अध्यक्षः तब वर्तमान नियम यह है कि उन्हें वही मत देने की अनुज्ञा दी जाए जहां वे हों?

डॉ. अम्बेडकरः यदि आवश्यक होगा तो उसके लिए पृथक उपबंध किया जाएगा।

श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः श्रीमन्, मैं सदन से यह अनुज्ञा चाहूंगा कि निवारक नजरबंद व्यक्तियों के संबंध में, इस विषय पर और विस्तार से चर्चा की जा सके। उस समय जब संशोधन लाया गया था, हमने सोचा था कि वस्तुतः यह स्वीकार किया जाए। कई सदस्यों ने यह कहा था कि संविधान के अधीन अधिनियम के अधीन निरुद्ध व्यक्ति ऐसी बात के लिए निरुद्ध होते हैं जिसके लिए वे उत्तरदायी नहीं हैं और सरकार इन व्यक्तियों को न्यायालय में ले जाने और उन्हें दोषसिद्ध कराने से परहेज करती है। इसलिए जब तक वे सिद्धदोष नहीं हो जाते, तब तक उन्हें सभी अपराधों से निर्दोष माना जाना चाहिए।............हममें से कई का यह सिद्धांत का विषय है और इस प्रश्न के महत्व को ध्यान में रखते हुए हम यह चाहते हैं कि इस पर पृथक् मतदान कराया जाए, जिससे हम इस विषय पर अपनी राय व्यक्त कर सकें।

माननीय अध्यक्षः यहाँ दो प्रश्न हैं। अतः केवल यही प्रश्न नहीं है कि इन व्यक्तियों को मत देने की अनुज्ञा दी जानी चाहिए।

डॉ. अम्बेडकरः मैं सोचता हूं कि मैं इन विषयों को ठीक कर सकता हूँ? अतः किसी भी दशा में उन्हें उचित परिप्रेक्ष्य में ही रखें, जिसे सदन अपने निजी निष्कर्ष पर पहुंच सके।

सर्वप्रथम मैं पत्नियों से संबंधित खंड 59 के उप-खंड (घ) की बाबत मुद्दे से निपटना चाहता हूँ। मैं सोचता हूं कि यह समझने के लिए कि उप-खंड (घ) ठीक-ठीक क्या करने के लिए हैं, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, की धारा 20 को देखना आवश्यक है। उस अधिनियम की धारा 20 फ्साधारणतः निवासीय् शब्दों के अर्थ के प्रश्न के बारे में है। फ्साधारणतः निवासीय् शब्द का क्या अर्थ है? अब, फ्साधारणतः निवासीय् शब्द ऐसे व्यक्तियों के संबंध में, बिल्कुल स्पष्ट है, जो भारत में रह रहे हैं, किन्तु उदाहरणार्थ, ऐसे व्यक्तियों के संबंध में जो संघ के सशस्त्र बल में हैं और जो सेना अधिनियम के अधीन हैं और सैनिक एक स्थान से दूसरे स्थान को स्थानांतरिक किए जा सकते हैं, तो यह उपधारणा नहीं की जा सकती कि उनके निवास का कोई विशिष्ट नियत स्थान है। वे कुछ महीनों के लिए एक स्थान पर रहते हैं। वे कुछ महीनों के लिए जहां होते हैं पुनः वहीं उनका स्थानांतरण हो जाता है। इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि किसी विशिष्ट क्षेत्र में कोई विशिष्ट लगाव न होने के कारण वे एक सचल दल है। उस दशा में, प्रश्न यह उठता है कि कौन-सा क्षेत्र उनका निर्वाचन-क्षेत्र होगा।