34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 566

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अभिलिखित करने के इस तरीके या माननीय विधि मंत्री द्वारा सुझाए गए अन्य तरीकों को स्वीकार कर सकते हैं।

संशोधन के माननीय प्रस्तावक की सहमति से मैं अब इस संशोधन को सदन के समक्ष नहीं रख रहा हूँ। यदि आवश्यक होगा तो हम खंड 59 पर फिर से विचार कर सकते हैं।

कई माननीय सदस्यः बिल्कुल ठीक।

माननीय अध्यक्षः मैं सदन के समक्ष अन्य संशोधन रखता हूँ। सं. 396

श्री शिवचरण लालः उसके बारे में, मैं एक बिन्दु पर स्पष्टीकरण चाहता हूँ।

माननीय अध्यक्षः सभी बिन्दुओं को स्पष्ट किया जा चुका है।

श्री शिवचरण लालः माननीय मंत्री जी ने संशोधन सं. 396 का उत्तर देते हुए कहा था कि यह उम्मीदवारों, उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं और मतदान अभिकर्ताओं का उल्लेख करने का स्थान नहीं है। मेरा यह निवेदन है कि इस खंड का शीर्षक फ्कतिपय वर्ग के व्यक्तियों द्वारा मत देने की विशेष प्रक्रियाय् है और मैं यह समझता हूं कि यह उनके बारे में उल्लेख करने का उचित स्थान है।

माननीय अध्यक्षः माननीय सदस्य यह महसूस करेंगे कि यहां डाक मतपत्र की विशेष प्रक्रिया दी गयी है। माननीय मंत्री जी ने पहले ही उल्लेख किया है कि यह उचित तरीका नहीं है। माननीय मंत्री कहीं और उपबंध करेंगे जिससे कि इस व्यक्तियों को मत देने का अधिकार मिल सके।

डॉ. अम्बेडकरः यदि मेरे मित्र स्पष्टीकरण चाहते हैं तो मैं उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहूंगा। यह खंड 50 कतिपय व्यक्तियों द्वारा डाक मतपत्र द्वारा मत देने के लिए उपबंध करने का विशेष निर्देश करता है। यह कुछ अन्य वर्ग के व्यक्तियों के मत देने के तरीके हेतु नियमों द्वारा उपबंध करने के सरकार या निर्वाचन आयोग के अधिकार को नहीं छीनता है। यदि वे विनिर्दिष्ट रूप से कोई नियम चाहते हैं तो वे ऐसा तब कर सकते हैं, जब हम खंड 167 पर आएंगे, जहां नियम बनाने की शक्ति दी गई है।

माननीय अध्यक्षः मैं सदन के समक्ष संशोधन सं. 396 रखता हूं।

श्री जे.आर. कपूरः श्रीमन्, मैं आपसे यह अनुरोध करता हूं कि आप इसे पृथक्-पृथक्, भाग (च) के पश्चात्, निम्नलिखित नया भाग जोड़ेंः फ्(छ) उम्मीदवार, उनके निर्वाचन अभिकर्ता और मतदान अभिकर्ताय्।

माननीय अध्यक्षः मैं पुनः इस पर मतदान करवाऊंगा।

श्री जे.आर. कपूरः श्रीमन्, अधिकांश सदस्य यह समझ नहीं पाए कि किस विषय पर मतदान कराया जा रहा है।