552 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
डॉ. अम्बेडकरः इस विषय पर पृथक्-पृथक् उपबंध किया जाएगा और मैं यह नहीं समझता कि मेरे मित्र डाक मतपत्र के प्रयोजन के लिए क्यों इस खंड को सम्मिलित करे पर बल दे रहे हैं।
श्री जे.आर. कपूरः तो मैं यह समझूं कि क्या कहीं अन्यत्र इसके बारे मे उपबंध किया जाएगा?
माननीय अध्यक्षः तो मैं यह सोचता हूं कि माननीय सदस्य अपना संशोधन वापस लेना चाहते हैं।
श्री जे.आर. कपूरः हां, उस आश्वासन पर, मैं अपने संशोधन वापस लेने की इजाजत चाहता हूं।
संशोधन इजाजत के अनुसार वापिस लिए गए।
माननीय अध्यक्षः संशोधन खंड 59 को प्रत्यावर्तित करने के हमारे अधिकार के अधीन रहते हुए वापस लिया जाता है, यदि यह अधिकतर खंड 61 में स्थापित किया जाता है। हम इस संशोधन पर बाद में विचार करेंगे। संशोधन स्थगित किया गया।
श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः जब कार्यवाहियों में कोई मुद्दा शेष नहीं है। इसे स्थगित किया जाए।
खंड 60 (प्रतिरूपण का निवारण)
श्री शिवचरण लालः मैं खंड के हटाने की मांग करते हुए पूरक सूची 1 के अपने संशोधन सं. 120 को प्रस्तुत करना चाहता हूँ।
माननीय अध्यक्षः वह एक नकारात्मक संशोधन है।
श्री शिवचरण लालः तो मैं केवल खंड पर ही बोलना चाहूंगा।
यह खंड 60 मतदाता की अंगुलि को तब किसी स्याही से चिह्नित करने की अपेक्षा करता है, जब उसे मतदान-पत्र दिया जाए........। हमारे देश में अब तक ऐसा कोई उपबंध नहीं रहा है और मैं यह नहीं समझता कि अब भी इसकी तनिक भी आवश्यकता है। इसीलिए हमें इस खंड 60 को रखने की आवश्यकता नहीं है।
श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः यह प्रतीत होता है कि माननीय सदस्य खंड 60 के आशय को नहीं समझ पाए। हम अब वयस्क मताधिकार का प्रयोग करने जा रहे हैं और हमारे पास मतदाताओं के रजिस्ट्रीकरण के पश्चात् उन्हें पहचान-पत्र देने की व्यवस्था नहीं है। मैं विश्वास करता हूं कि कतिपय राज्य सरकारें मतदाताओं के फोटोग्राफ लेना और उन्हें पहचान पत्र देना चाहती हैं, किन्तु इसमें लगने वाली लागत काफी अधिक